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लंदन कैसे पहुंचे नवाबों के ताज, परिवार ढूंढ रहा राज

Fri, 02 Dec 2016 04:42 AM IST
अखिलेश शर्मा/ अमर उजाला, रामपुर
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- फोटो : amar ujala
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रामपुर  रियासत के नवाबों के ताज आखिर इंग्लैंड के लंदन में नीलामी कंपनी क्रिस्टीज के पास  कैसे पहुंच गए। नवाब परिवार खोजबीन में जुट गया है। स्टेट बैंक आफ इंडिया  दिल्ली के लॉकर से कैसे ताज गायब हुए, यह बड़ा सवाल है। बिना बड़ी साजिश के यह नहीं हो सकता। नवाब परिवार के वारिस नवाब काजिम अली खां उर्फ नावेद मियां कहते हैं कि निजी लड़ाई से ज्यादा देश की विरासत को संजोकर रखने का सवाल है। नावेद मियां ने मामले में गृहमंत्रालय के अफसरों की भूमिका को भी संदिग्ध बताया है। 
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रामपुर रियासत के वारिस नवाब काजिम अली खां उर्फ नावेद मियां के अधिवक्ता के माध्यम से आपत्ति दर्ज कराने के बाद ताजों की नीलामी तो क्रिस्टीज ने रोक दी है। लेकिन राजशाही परिवार इस बात को लेकर माथापच्ची कर रहा है कि ताज लंदन तक कैसे पहुंचे। पारिवारिक सूत्रों की मानें तो अंतिम नवाब रजा अली खां के इंतकाल के बाद दोनों ताज और राजशाही हीरे-जवाहरात दिल्ली की स्टेट बैंक आफ इंडिया की शाखा के लाकर में रखवा दिए गए थे।

पारिवारिक विवाद होने के कारण इनके बारे में किसी ने कोई ज्यादा जानकारी भी नहीं हासिल की। विधायक नावेज मियां कहते हैं कि सोशल साइट पर नीलामी के विज्ञापन देखने के बाद पूरा राजशाही परिवार हतप्रभ रह गया है। विरासती सामान को लेकर चिंतित है। स्टेट बैंक की किस शाखा में विरासती सामान रखा है, पूरे दस्तावेज तलाशे जा रहे हैं। नावेद मियां का आरोप है कि लॉकर से बेशकीमती ताजों का गायब होना बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहा है। मामले का पता लगाने के लिए कानून का सहारा लिया जा रहा है।  
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कोठी खास बाग में बंद है बेशकीमती खजाना

- फोटो : demo pic
नवाब के इंतकाल के बाद नूर महल आ गए थे मिक्की मियां
रामपुर। नवाब रजा अली खां के निधन के बाद उनके पुत्र नवाब जुल्फिकार अली खां उर्फ मिक्की मियां (पूर्व सांसद) कोठी खास बाग से नूरमहल में आ गए थे। कोठी खास बाग को बंद करके ताला डाल दिया गया था। इसी वक्त बेशकीमती हीरे-जवाहरात और ताज दिल्ली स्टेट बैंक के लाकर में रखे गए थे। 

कोठी खास बाग नवाबों का महल था। यहां से किला तक नवाब पूरी शानो शौकत के साथ जाते थे। नवाब के इंतकाल के बाद बंद हुई कोठी खास बाग से हीरे जवाहरात और बेशकीमती ताज स्टेट बैंक के लाकर पहुंचे और परिवार का विवाद बढ़ने के कारण कोर्ट ने कोठी खास बाग में रियासत के असलहे और आयुध सामग्री को कुछ हाल में बंद कर रखा है।

इसके अलावा कोठी खासबाग में दुनिया की जानी मानी पेटिंग्स भी रखी हैं, जिनकी कीमत लाखों रुपये है। दुनिया की जानी मानी आर्टिस्ट लिली के हाथों बनाई ओरिजनल पेंटिग्स भी हैं। नक्काशी और यूरोपियन शैली के झूमर और भी बहुत सामान है।  
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प्रधानमंत्री की नजर में रामपुर रियासत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नजर में रामपुर रियासत है, क्योंकि रियासत के नवाबों द्वारा बनाई गई दुनिया की बड़ी रजा लाइब्रेरी में रखी पांडुलिपियों की प्रतिलिपियों को उन्होंने प्रधानमंत्री बनने के बाद कई बार दूसरे देशों में जाने पर वहां के शासकों को भेंट किया है।

मंगोला के राष्ट्रपति को भी उन्होंने मंगोलों के इतिहास की पांडुलिपि भेंट की थी। ईरान में वहां के सर्वोच्च नेता को रजा लाइब्रेरी में रखी कुरान की प्रति भेंट की थी। कई और पांडुलिपियों की प्रतियां सहेजने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय से डिमांड आई है। इससे साफ जाहिर है कि प्रधानमंत्री की नजर में रामपुर रियासत और उसकी विरासत का महत्व है।

रामपुर रियासत का पूरा राजशाही परिवार ताजों के मुद्दे पर गंभीर है और पूरी तरह से जानकारी कराने में जुटा है कि आखिर कैसे ताज लंदन में नीलाम होने को क्रिस्टीज कंपनी के पास पहुंच गए। इसमें कोई बड़ी साजिश है। हो न हो स्टेट बैंक के लाकर से ही ताज गायब हुए हैं, इसमें गृह मंत्रालय के अफसरों की भूमिका भी संदिग्ध है। भारत सरकार को भी इस संबंध में हस्तक्षेप करना चाहिए।
-नवाब काजिम अली खां उर्फ नावेज मियां विधायक (रामपुर रियासत के वारिस)
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