देश के100 से भी अधिक मुसलिम संगठन पाकिस्तान की एक नापाक चाल को बिना शोर गुल के नाकाम करने में जुटे हैं। भारत के कड़े रुख से हताश पाकिस्तान भारतीय उपमहाद्वीप के मुसलमानों को कश्मीर के कथित जेहाद में शामिल करने की अंदरखाने पूरजोर कोशिश में लगा है। लेकिन जमीयत उलेमा-ए-हिंद (जेयूआईएम), ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल, जमात अहल-ए-हदीश और अपने रुख में अति कट्टर माने जाने वाले मुंबई के रजा एकेडमी जैसे संगठनों ने अपने तकरीर में पाकिस्तान के इस इरादे को गहरा आघात पहुंचाया है।
जेयूआईएम के अध्यक्ष सैयद अरशद मदनी ने अपने अनुयायियों से कहा है कि पाकिस्तान की इस चाल में फंसना नहीं है। जेयूआईएम के प्रवक्ता हामिद नोमानी के अमर उजाला से कहा कि पाकिस्तान की नापाक चालों पर उनके संगठन का इरादा साफ है। कश्मीर हमेशा से भारत का रहा है और रहेगा। खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां मुसलिम संगठनों की इस प्रतिक्रिया से गदगद हैं।
पाकिस्तान की यह चाल 22 सितंबर को पूरी तरह उजागर हुई जब उसके समर्थन से चलने वाले अल कायदा केभारतीय उपमहाद्वीप चैप्टर की साईट पर मुसलमानों से कश्मीर की आजादी के जेहाद में जुडने का अह्वान किया गया। 10 पेज के इस संदेश में खासतौर पर मुसलिम युवाओं को बरगलाने संबंधी बातें लिखी गई हैं। कहा गया है कि वह कश्मीर के मुसलमानों को जेहाद में अकेला नहीं छोड़े।