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Sunita Williams: अंतरिक्ष से भारत कैसा दिखता है, स्पेस में रिकॉर्ड बनाने वाली भारतवंशी सुनीता ने क्या बताया?

Wed, 21 Jan 2026 03:32 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स 27 साल की गौरवशाली सेवा के बाद नासा से रिटायर हो गईं। उन्होंने दिल्ली के एक कार्यक्रम में बताया कि अंतरिक्ष से भारत कैसे दिखता है? 
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सुनीता विलियम्स - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने कहा कि अंतरिक्ष यात्रा ने जीवन के प्रति उनके दृष्टिकोण को पूरी तरह से बदल दिया है। जब आप पृथ्वी को अंतरिक्ष से एक ग्रह के रूप में देखते हैं, तो मनुष्यों का मुद्दों पर बहस करना या मतभेद रखना बहुत बेवकूफी भरा लगता है। 60 वर्षीय विलियम्स, जो हाल ही में नासा से सेवानिवृत्त हुई हैं। वर्तमान में भारत दौरे पर हैं।  यहां वे अमेरिकन सेंटर में आयोजित "आंखें सितारों पर, पैर जमीन पर" शीर्षक वाले एक संवादात्मक सत्र में बोल रही थीं।

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देशों को साथ मिलकर काम करना चाहिए-विलियम्स

बातचीत के दौरान, उन्होंने अपने सबसे हालिया मिशन के बारे में बात की, जिसमें बोइंग स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान में तकनीकी समस्याओं के कारण अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए आठ दिवसीय परीक्षण उड़ान नौ महीने से अधिक समय तक बढ़ गई थी। इसके साथ ही विलियम्स ने अंतरिक्ष यात्रा को टीम खेल बताया। आगे उनहोंने कहा कि देशों को मिलकर काम करने की आवश्यकता है क्योंकि यह हमारा एक ही ग्रह है, हम यहां एक साथ हैं।

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अंतरिक्ष से सब अपने घर को खोजते हैं- विलियम्स

उन्होंने कहा "जब आप अंतरिक्ष में जाते हैं, तो मुझे लगता है कि हर कोई ऐसा ही करता है। हम सभी अपना घर खोजना चाहते हैं। मेरे पिता भारत से हैं और मेरी मां स्लोवेनिया से हैं। इसलिए मैं स्वाभाविक रूप से ऐसे स्थानों की तलाश कर रही हूं जिन्हें मैं अपना घर कह सकूं। यही आपका पहला उद्देश्य होता है।" हालांकि, उन्होंने कहा कि किसी विशिष्ट घर की यह प्रारंभिक खोज  पृथ्वी की एकता की व्यापक समझ में परिवर्तित हो जाती है। उन्होंने कहा, "हमारा ग्रह जीवित है। कुछ लोग सोचते हैं कि यहां केवल चट्टानें हैं, लेकिन यह गतिशील है। उदाहरण के लिए, मैं ऋतुओं को देख सकती हूं, शैवाल के खिलने से महासागरों के रंगों में परिवर्तन देख सकती हूं, या उत्तर में, उत्तरी गोलार्ध में या अंटार्कटिका के पास बर्फ की संरचनाएं देख सकती हूं।"
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हम सभी को मिलकर और सहजता से काम करना चाहिए- विलियम्स

उन्होंने कहा कि ऊपर से इस खूबसूरत, जीवंत ग्रह को देखने से जीवन के प्रति नजरिया बदल जाता है। "इससे लोगों के बीच किसी भी तरह के मतभेदों के बारे में हमारी सोच बदल जाती है। इससे यह एहसास होता है कि हम सब एक हैं और हम सभी को मिलकर और सहजता से काम करना चाहिए।" उन्होंने आगे कहा "इससे मुझे ऐसा महसूस हुआ कि आखिर कोई किसी बात पर बहस क्यों करेगा? मैं जानती हूं, मैं शादीशुदा हूं। मेरा एक पति है। हम बहस करते हैं। इसलिए मैं बहस को समझती हूं, लेकिन असलियत में, आखिर क्यों? आप जानते हैं, जब आप पृथ्वी को उस नजरिए से देखते हैं तो यह बहुत ही बेतुका लगता है,"


जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें किसी चीज से डर लगता है, तो विलियम्स ने हल्के-फुल्के अंदाज में जवाब दिया, "मुझे अभी भी बहुत सी चीजों से डर लगता है। जहां मैं रहती हूं, वहां कुछ भालू हैं। मुझे उनमें से किसी एक को जगाने से थोड़ा डर लगता है। वे अभी सो रहे हैं। यह अच्छी बात है।" उन्होंने आगे कहा, "इसलिए, आपको ब्रह्मांड में और फिर पृथ्वी पर अपनी जगह का ज्ञान होना चाहिए और अपने आसपास के जानवरों के प्रति सावधान और सम्मानजनक रहना चाहिए।"

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