इंटरव्यू के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि जब आप एक मिशन के तहत काम करते हैं तो बहुत चीजें मुमकिन हो जाती हैं। उन्होंने बताया, राजनीति में आने से पहले मैंने कई दशकों तक समाज में जमीनी लोगों के साथ काम किया है और सक्रिय रूप से काम किया है। इसमें मुझे बहुत सारे अनुभव मिले। मैं कई प्रेरणादायक लोगों से भी मिला। इसका एक फायदा यह हुआ कि मैंने उनसे सीखा कि वह एक उद्देश्य के लिए पूरी तरह समर्पित हैं।
उन्होंने आगे कहा कि वह निजी महत्वकांक्षा नहीं बल्कि मिशन के लिए काम करते हैं। मोदी ने कहा, यदि कोई व्यक्ति महत्वकांक्षा के लिए काम करता है, तो उसके सामने आने वाला कोई भी उतार-चढ़ाव उसे परेशान नहीं कर सकता है, क्योंकि महत्वकांक्षा पद, ताकत, सुख सुविधाओं के प्रति लगाव से आती है।
वह आगे कहते हैं कि अगर कोई मिशन के तहत काम करता है तो उसकी हार-जीत से कोई फर्क नहीं पड़ता है। किसी मिशन के लिए पूरी तरह से समर्पित होना ही कभी खत्म न होने वाली उर्जा और आशा का स्त्रोत है। पीएम मोदी ने कहा, इससे एक लाभ यह भी होता है कि अगर कोई आदमी पूरी तरह से एक मिशन को लेकर प्रतिबद्ध है तो उसका ध्यान किसी अनावश्यक चीजों की तरफ नहीं जाता है।