मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार महाराष्ट्र विधानसभा में मुंबई के विधायकों की ओर से पूछे गए सवालों की गुणवत्ता में काफी गिरावट आई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सवालों की गुणवत्ता का औसत स्कोर 12वीं विधानसभा में 50 प्रतिशत से गिरकर 15वीं विधानसभा में 33 प्रतिशत हो गया है। साथ ही, इसमें दावा किया गया है कि कांग्रेस के तीन विधायक ओवरऑल परफॉर्मेंस रैंकिंग में सबसे आगे रहे।
रिपोर्ट में कांग्रेस विधायक अमीन पटेल को 82.89 के स्कोर के साथ पहला स्थान मिला, उनके बाद पार्टी के साथी असलम शेख (80.58) और ज्योति गायकवाड़ (80.30) रहे। मुंबई के उन 33 विधायकों में से ये केवल तीन हैं जिन्होंने इस मूल्यांकन में 80 प्रतिशत से अधिक स्कोर किया।
ये नतीजे 'मुंबईज एमएलए रिपोर्ट कार्ड, 2026' में शामिल थे, जो मुंबई के चुने हुए प्रतिनिधियों के विंटर सेशन 2024 से मॉनसून सेशन 2025 तक के कामकाज का सबूत-आधारित मूल्यांकन है। यह एनालिसिस प्रजा फाउंडेशन ने किया था, जो एक गैर-सरकारी संगठन है और नागरिक मुद्दों तथा जवाबदेह शासन पर काम करता है।
अब तक कितने विधायकों ने सवाल पूछे?
पिछले कुछ वर्षों में मुंबई के विधायकों की ओर से पूछे गए सवालों की संख्या में भी काफी कमी आई है। 15वीं विधानसभा के दौरान (विंटर सेशन 2024 से मॉनसून सेशन 2025 तक) इन 33 विधायकों ने 2,213 सवाल पूछे। यह संख्या 12वीं विधानसभा की इसी अवधि (विंटर 2009 से मॉनसून 2010 तक) में पूछे गए 7,955 सवालों की तुलना में 72 प्रतिशत कम है।
15वीं विधानसभा में इन 33 विधायकों का कुल औसत स्कोर 55 रहा, जबकि 12वीं विधानसभा में यह 61 था। रिपोर्ट के अनुसार, 14वीं विधानसभा में औसत स्कोर गिरकर 54 हो गया था, जिसके बाद 15वीं विधानसभा में इसमें मामूली सुधार देखा गया।
इस मूल्यांकन में पूछे गए सवालों की संख्या और गुणवत्ता, विधायी कार्यवाही में भागीदारी, उपस्थिति और कामकाज के अन्य पैमानों को भी ध्यान में रखा गया। इसमें लगातार विधानसभाओं के दौरान मुंबई के विधायकों की औसत उम्र में बढ़ोतरी को भी उजागर किया गया। 12वीं विधानसभा में औसत उम्र 52 साल, 13वीं में 51, 14वीं में 53 और 15वीं विधानसभा में 57 साल थी।