लालू प्रसाद यादव के रेलवे मंत्री रहते हुए साल 2006 आईआरसीटीसी के दो होटलों के टेंडर देने के मामले में सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की है। इस मामले की जांच जारी है। हालांकि बीएनआर-पुरी और बीएनआर-रांची नाम के इन दोनों होटलों का टेंडर देने वाली कमेटी के सदस्य सबकुछ भूल चुके हैं। उन्हें कुछ याद ही नहीं।
इंडियन एक्सप्रेस ने दोनों होटलों का टेंडर देने वाली आईआरसीटीसी की कमेटी के तीनों सदस्यों बी के अग्रवाल, विनोद अस्थाना और राकेश गोगिया से बातचीत की। तीनों ने ही उस टेंडर से संबंधित किसी भी बात की जानकारी होने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि मामला दस साल से ज्यादा पुराना है और उस समय हम हर रोज टेंडर का ही काम देखते थे। ऐसे में उन्हें किसी खास टेंडर के बारे में कुछ याद नहीं। हां, अगर कागजात सामने रखे जाएं तो भले ही याद आए। पर कागजात के आधार पर भी पुरानी बातों के याद आने की बात सिर्फ एक ही सदस्य ने कही।
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इस टेंडर और इसके पीछे की लेन-देन की जांच सीबीआई के साथ ही ईडी भी कर रही है। दिसंबर-2006 में इस टेंडर को जारी करने वाली कमेटी के सदस्य बी के अग्रवाल मौजूदा समय में रेलवे में सीनियर पोस्ट पर हैं। विनोद अस्थाना अब रिटायर हो चुके हैं, तो राकेश गोगिया प्राइवेट सेक्टर की नौकरी कर रहे हैं। राकेश गोगिया उस कमेटी में इकलौते रेलवे से बाहर के सदस्य थे।