महाराष्ट्र में कोरोना संकट के बीच साढ़े तीन महीने से बंद होटल और लॉज आठ जुलाई से फिर खुल जाएंगे। लेकिन रेस्टोरेंट खोलने की अनुमति अभी नहीं दी गई है। महाराष्ट्र सरकार ने मिशन बिगिन अगेन के तहत यह बड़ा फैसला किया है। इस संबंध में सोमवार को मुख्य सचिव संजय कुमार ने आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक होटल की क्षमता के 33 फीसदी ग्राहकों के लिए होटल व लॉज शुरू किए जा सकेंगे।
ग्राहकों के लिए मास्क अनिवार्य होगा और उनकी थर्मल स्क्रीनिंग के अलावा होटल में सैनिटाइजेशन पर सख्ती से अमल करना होगा। हालांकि होटल में गेमिंग जोन और स्वीमिंग पूल बंद रहेगा। इसके अलावा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए व्यवस्था बनानी होगी। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। होटल के एसी को लेकर सीपीडब्लूडी के मापदंडों का पालन करना होगा। सभी एयर कंडीशनिंग उपकरणों की तापमान सेटिंग 24-30 डिग्री सेल्सियस की सीमा में होनी चाहिए, आर्द्रता 40-70 की सीमा में होनी चाहिए। जितना संभव हो ताजी हवा का सेवन होना चाहिए और पर्याप्त क्रॉस वेंटिलेशन होना चाहिए।
होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन वेस्टर्न इंडिया के अध्यक्ष गुरु बखशीश सिंह कोहली ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग की थी। इसमें पर्यटनमंत्री और मुख्य सचिव भी शामिल हुए थे। मुख्यमंत्री ने होटल वालों की राय जानी और उन्होंने होटल और लॉज शुरू करने का संकेत दिया था। फिलहाल, फेज वाईज बिजनेस शुरू किया जाएगा। फूड सर्विसिंग में पूरी सतर्कता बरती जाएगी। वैसे जब तक ट्रेन और बस के अलावा राज्यों की सीमा नहीं खुल जाती तबतक होटल को फेज में शुरू करना ठीक रहेगा।
कोरोना के चलते लॉकडाउन में बंद किए गए मंदिर तत्काल खोले जाएं। मुबई भाजपा अध्यक्ष मंगल प्रभात लोढ़ा ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर यह मांग की है। लोढ़ा का कहना है कि मिशन बिगिन अगेन के तहत कुछ शर्तों के साथ बाजार खोले जा रहे हैं। साथ ही, कुछ शहरों में बस परिवहन भी शुरू किए गए हैं। अब होटल और लॉज भी खोलने की अनुमति दी गई है। ऐसे में मंदिर भी श्रद्धालुओं के लिए खोले जाने चाहिए। लोढ़ा ने कहा कि भारतीय समाज देवधर्म से जुड़ा हुआ है। वर्तमान संकट काल में लोगों को मानसिक तथा धार्मिक आधार की जरूरत है। इसलिए समाजिक दूरी का ध्यान रखते हुए मंदिरों के कपाट भक्तों के लिए खोलने की अनुमति दी जानी चाहिए।