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गोरखपुर: अस्पताल में 5 दिनों में हुई 32 बच्चों समेत 63 की मौत, CM ने दिए जांच के आदेश

Sat, 12 Aug 2017 11:21 AM IST
amarujala.com- Presented By: अनंत पालीवाल
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हादसे के बाद मेडिकल कॉलेज में भीड़ - फोटो : ANI
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गोरखपुर के मेडिकल कॉलेज में 32 बच्चों समेत 63 की मौत पर सीएम योगी अदित्यनाथ ने जांच करने और कड़ी कार्रवाई करने के आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से कहा है कि दोषियों को किसी भी तरह से बख्शा न जाए और जल्दी से रिपोर्ट बनाकर के उनको दंडित किया जाए। 
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  CM instructed Health Min&Min of Technical & Medical Education for proper investigation & strict action, tweets office of UP CM#Gorapkhpur — ANI UP (@ANINewsUP) August 12, 2017


महज 69 लाख रुपये के बकाए को लेकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज को ऑक्सीजन की सप्लाई देने वाली फर्म ने हाथ खड़े कर दिए थे। इसके चलते लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट में गुरुवार को गैस खत्म हो गई तो जंबो सिलेंडरों और अम्बू बैग से मरीजों की जान बचाने की कोशिश होती रही लेकिन शुक्रवार की शाम तक 24 मासूम जान से हाथ धो बैठे। 
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इनमें 14 मासूम इंसेफेलाइटिस वार्ड और 10 एनएनयू (न्यू नेटल यूनिट) में भर्ती थे। छह और गंभीर रोगियों की मौत हुई है। इस जानकारी के बाद प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। कमिश्नर अनिल कुमार ने मोदी इंपीरियल के मालिक को फोन करके 205 ऑक्सीजन सिलेंडर मंगवाया, तब जाकर कुछ स्थिति कुछ सामान्य हो सकी।

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में लिक्विड ऑक्सीजन की सप्लाई को लेकर खींचतान काफी दिनों से चल रही थी। इसे लेकर सप्लाई देने वाली फर्म पुष्पा सेल्स की ओर से कई बार मेडिकल कॉलेज प्रशासन को नोटिस भी भेजा गया था।

हर बार सप्लाई ठप करने की चेतावनी दी जाती थी। इसके बाद भी फर्म का बकाया चुकाने को लेकर गंभीर प्रयास नहीं किए गए। नतीजतन बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन का संकट खड़ा हो गया।

आधी रात को सप्लाई बंद हुई तो 50 के करीब मरीज बेहोशी की हालत में जा पहुंचे। यह हाल देखकर मौके पर तैनात डॉक्टरों के हाथ-पांव फूलने लगे। जिम्मेदारों ने ऑक्सीजन की व्यवस्था के लिए जोर आजमाइश शुरू कर दी, लेकिन इससे पहले मामले में बरती गई लापरवाही की कीमत 48 जिंदगियों को खोकर चुकानी पड़ी।

Dept handling oxygen supply wrote to authorities on 3&10 Aug to infrm of shortge as Pushpa Sales stoppd supply ovr pending paymnt #Gorakhpur pic.twitter.com/FDKl8hlx1H

— ANI UP (@ANINewsUP) August 12, 2017
 

सीएम ने एक दिन पहले ही की थी समीक्षा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
सीएम योगी आदित्यनाथ की समीक्षा बैठक के एक दिन बाद ही बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जानलेवा लापरवाही सामने आई है। ऑक्सीजन सप्लाई ठप होने से पिछले 36 घंटे में मेडिकल कॉलेज में भर्ती 32 बच्चों की मौत हो गई। इनमें 25 मासूम और पांच अन्य गंभीर मरीज बताए जा रहे हैं। 

गुरुवार से शुरू हुए संकट पर काबू पाने में मेडिकल कॉलेज प्रशासन नाकाम रहा जो शुक्रवार को मासूमों के लिए काल बन गया। इसकी सूचना पाते ही डीएम राजीव रौतेला और सीएमओ सहित तमाम अफसर मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। पूरे मामले की जानकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी ली है। 

माना जा रहा है कि लापरवाह अफसरों पर जल्द ही गाज गिरेगी। बहरहाल, डीएम ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी बना दी है। यह कमेटी शनिवार को दोपहर 12 बजे तक रिपोर्ट देगी। 

मेडिकल कॉलेज में मौत की सूचना पाकर बांसगांव संसदीय सीट से भाजपा सांसद कमलेश पासवान भी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। भाजपा सांसद ने भी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की वजह से मौतों की पुष्टि की है। 

शहर के नर्सिंग होम से मंगाए गए सिलेंडर

सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) सहित शहर के अन्य बड़े नर्सिंग होम से भी ऑक्सीजन सिलेंडर मंगाया गया। मेडिकल कॉलेज के सूत्रों ने बताया कि ऑक्सीजन की कमी का सबसे ज्यादा खामियाजा बच्चों को भुगताना पड़ा है।

शुक्रवार को सुबह 10 बजे के बाद से इंसेफेलाइटिस पीड़ित 13 बच्चों की मौत हुई है। इससे पहले भी इंसेफेलाइटिस और अन्य बीमारियों से परेशान 12 बच्चों की मौत हुई थी। इन आंकड़ों को मिला लिया जाए तो पिछले 36 घंटे में 25 बच्चों की मौत हुई है।

ऑक्सीजन की कमी की वजह से पांच और बड़े लोगों की मौत भी हुई है। शुक्रवार को दिनभर मेडिकल कॉलेज में रोना-पीटना मचा रहा। तमाम लोग हाथों में बच्चे का शव लेकर जाते देखे गए। 

कुशीनगर के रामकोला फरेंद गांव के रहने धर्मेंद्र ने 10 दिन के बच्चे को मेडिकल कॉलेज में एडमिट कराया था लेकिन ऑक्सीजन की कमी की वजह से बच्चे की मौत हो गई। इससे पूरा परिवार गमजदा है।

इस संबंध डीएम राजीव रौतेला का कहना है कि 10 और 11 अगस्त को 30 मौतें हुई थीं लेकिन ऑक्सीजन सिलेंडर की कमी नहीं थी। पहले ही ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था कर ली गई थी। 
 

मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ने किया मोबाइस स्विच ऑफ

बच्चे के शव को ले जाते परिजन
वहीं, मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राजीव मिश्रा इस गंभीर घटना को लेकर बेपरवाह दिखे। उन्होंने घटना के तत्काल बाद अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया।

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से 32 बच्चों की मौत की खबरों को सरकार ने बेबुनियाद ठहराया है। सरकार ने दावा किया है कि ऑक्सीजन की कमी से किसी रोगी की मौत नहीं हुई है।

जिलाधिकारी मौके पर रहकर हालात का जायजा ले रहे हैं। मीडिया में दिखाई जा रही रिपोर्ट को भ्रामक बताते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता ने यह बात कही है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में भर्ती सात मरीजों की मौत अन्य कारणों से हुई है न कि ऑक्सीजन की कमी से।

ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई एक भी मौत: यूपी सरकार

इस बारे में यूपी सरकार के मेडिकल एजुकेशन मिनिस्टर आशुतोष टंडन ने कहा कि ऑक्सीजन की सप्लाई की कमी से कोई मौत नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि सात की मौत आज हुई, पर ये मौतें ऑक्सीजन की कमी से नही हुई।

No deaths due to lack of oxygen supply & 7 people have died today :Ashutosh Tondon, UP medical education minister #Gorakhpur pic.twitter.com/1z8fFQtVBn

— ANI UP (@ANINewsUP) August 11, 2017
3 deaths happened in Neonatal ICU,2 due to acute encephalitis syndrome (AES)&2 due to Non-AES today: A Tondon, UP medical edu min #Gorakhpur pic.twitter.com/BuOETRGqIY

— ANI UP (@ANINewsUP) August 11, 2017

आशुतोष टंडन ने कहा कि मामले की न्यायिक जांच के आदेश दे दि्ए गए हैं, जिसकी रिपोर्ट 24 घंटों के अंदर आ जाएगी।

District Magistrate has ordered a magisterial inquiry into the incident, report will be out in 24 hrs:A Tondon,UP medical edu min #Gorakhpur pic.twitter.com/KdILhFq06P

— ANI UP (@ANINewsUP) August 11, 2017

 
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5 दिनों में हुई कुल 63 मौत

वहीं बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के डॉक्टरों ने आकड़ा जारी करते हुए बताया कि 5 दिनों में कुल 63 मौत हुईं। लेकिन इनमें से एक भी मौत ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई है। 

#UttarPradesh A total number of 63 deaths have occurred in the past 5 days: Baba Raghav Das Medical College and Hospital  #Gorakhpur pic.twitter.com/K8yBBRkrFV

— ANI UP (@ANINewsUP) August 11, 2017

इससे पहले, खबर आई थी कि ऑक्सीजन ठप होने की वजह से यह हादसा हुआ। 68 लाख रुपये की बकायेदारी होने के बाद ठेकेदार ने हाथ खड़े कर दिए। इस वजह से अस्पताल की ऑक्सीजन की सप्लाई बाधित हो गई। सभी बच्चे महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर और कुशीनगर के बच्चे हैं। गोरखपुर के डीएम ने भी 30 बच्चों की मौत की पुष्टि की है।

30 children lost their lives due to encephalitis in last 48 hours at Gorakhpur's BRD Hospital: District Magistrate, Rajeev Rautela pic.twitter.com/u5yRmZb86e

— ANI UP (@ANINewsUP) August 11, 2017

गौरतलब है कि पूर्वांचल में इंसेफेलाइटिस का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस वर्ष अब तक मेडिकल कॉलेज में इंसेफेलाइटिस के 504 मरीज भर्ती हुए हैं। और अब आक्सीजन सप्लाई ठप होने के चलते महज 48 घंटों में 30 नौनिहालों की मौत से गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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