गोरखपुर के मेडिकल कॉलेज में 32 बच्चों समेत 63 की मौत पर सीएम योगी अदित्यनाथ ने जांच करने और कड़ी कार्रवाई करने के आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से कहा है कि दोषियों को किसी भी तरह से बख्शा न जाए और जल्दी से रिपोर्ट बनाकर के उनको दंडित किया जाए।
CM instructed Health Min&Min of Technical & Medical Education for proper investigation & strict action, tweets office of UP CM#Gorapkhpur
— ANI UP (@ANINewsUP) August 12, 2017
महज 69 लाख रुपये के बकाए को लेकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज को ऑक्सीजन की सप्लाई देने वाली फर्म ने हाथ खड़े कर दिए थे। इसके चलते लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट में गुरुवार को गैस खत्म हो गई तो जंबो सिलेंडरों और अम्बू बैग से मरीजों की जान बचाने की कोशिश होती रही लेकिन शुक्रवार की शाम तक 24 मासूम जान से हाथ धो बैठे।
इनमें 14 मासूम इंसेफेलाइटिस वार्ड और 10 एनएनयू (न्यू नेटल यूनिट) में भर्ती थे। छह और गंभीर रोगियों की मौत हुई है। इस जानकारी के बाद प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। कमिश्नर अनिल कुमार ने मोदी इंपीरियल के मालिक को फोन करके 205 ऑक्सीजन सिलेंडर मंगवाया, तब जाकर कुछ स्थिति कुछ सामान्य हो सकी।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में लिक्विड ऑक्सीजन की सप्लाई को लेकर खींचतान काफी दिनों से चल रही थी। इसे लेकर सप्लाई देने वाली फर्म पुष्पा सेल्स की ओर से कई बार मेडिकल कॉलेज प्रशासन को नोटिस भी भेजा गया था।
हर बार सप्लाई ठप करने की चेतावनी दी जाती थी। इसके बाद भी फर्म का बकाया चुकाने को लेकर गंभीर प्रयास नहीं किए गए। नतीजतन बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन का संकट खड़ा हो गया।
आधी रात को सप्लाई बंद हुई तो 50 के करीब मरीज बेहोशी की हालत में जा पहुंचे। यह हाल देखकर मौके पर तैनात डॉक्टरों के हाथ-पांव फूलने लगे। जिम्मेदारों ने ऑक्सीजन की व्यवस्था के लिए जोर आजमाइश शुरू कर दी, लेकिन इससे पहले मामले में बरती गई लापरवाही की कीमत 48 जिंदगियों को खोकर चुकानी पड़ी।
Dept handling oxygen supply wrote to authorities on 3&10 Aug to infrm of shortge as Pushpa Sales stoppd supply ovr pending paymnt #Gorakhpur pic.twitter.com/FDKl8hlx1H
— ANI UP (@ANINewsUP) August 12, 2017