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होर्मुज में तनाव: दो जहाजों पर गोलीबारी के बाद भारत का रुख क्या? विदेश मंत्रालय ने ईरान के राजदूत को बुलाया

Sat, 18 Apr 2026 09:45 PM IST
Himanshu Singh Chandel न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय जहाजों पर फायरिंग के बाद भारत ने ईरान के राजदूत को तलब कर कड़ी आपत्ति जताई। विदेश सचिव ने समुद्री सुरक्षा और जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को अहम बताते हुए जल्द समाधान की मांग की। ईरान ने भारत की चिंता अपने अधिकारियों तक पहुंचाने का भरोसा दिया है। 
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (फाइल) - फोटो : ANI
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विस्तार
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होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय जहाजों पर हुई फायरिंग के बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में ईरान के राजदूत को तलब कर इस गंभीर घटना पर गहरी चिंता जताई।  
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विदेश सचिव ने बैठक के दौरान साफ कहा कि भारत के लिए समुद्री जहाजों और नाविकों की सुरक्षा बेहद अहम है। उन्होंने इस बात को भी याद दिलाया कि पहले ईरान ने भारत जाने वाले जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने में सहयोग किया था। लेकिन हालिया फायरिंग की घटना को बेहद गंभीर बताते हुए भारत ने तुरंत सुरक्षित आवाजाही बहाल करने की मांग की है।

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क्या कहा भारत ने ईरान से?
भारत ने ईरान से साफ कहा कि वह इस घटना को गंभीरता से लेता है और ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। विदेश सचिव ने ईरानी राजदूत से आग्रह किया कि वे भारत की चिंता अपने देश के अधिकारियों तक पहुंचाएं और भारतीय जहाजों के सुरक्षित मार्ग को जल्द बहाल करें।

क्या ईरान ने कोई जवाब दिया?
बैठक में ईरान के राजदूत ने भारत की चिंताओं को सुना और भरोसा दिया कि वे इस संदेश को तेहरान तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत की बात को गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित अधिकारियों तक तुरंत जानकारी दी जाएगी।

होर्मुज का महत्व क्यों?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। यहां से बड़ी मात्रा में वैश्विक कच्चा तेल गुजरता है। भारत जैसे देश, जो खाड़ी क्षेत्र से तेल आयात करते हैं, इस मार्ग पर काफी निर्भर हैं। ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव सीधे भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर असर डाल सकता है।
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क्या आगे हालात सुधरेंगे?
भारत ने साफ किया है कि वह इस मार्ग में सुरक्षित और निर्बाध नौवहन चाहता है। सरकार ने उम्मीद जताई है कि ईरान जल्द ही स्थिति को सामान्य करेगा और भारतीय जहाजों के लिए सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित करेगा। फिलहाल भारत इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और आगे की रणनीति पर काम कर रहा है।

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