केंद्र सरकार को पहले से आवंटित खानों से नए साल में अधिक कोयला उत्पादन होने की उम्मीद है। इसके मद्देनजर सरकार की योजना 2019 में सरकारी कोयला कंपनी कोल इंडिया को 10 और कोयले की खान आवंटित करना है। ये खानें कंपनी को इस साल आवंटित 10 खानों से अलग हैं।
अब तक कुल 85 कोयले की खानों को आवंटित किया गया है। इनमें से 23 खानों में उत्पादन होने लगा है। कोयला मंत्रालय को मार्च, 2019 में खत्म हो रहे चालू वित्त वर्ष या अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में 20 और खानों में उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है।
मंत्रालय के संयुक्त सचिव आशीष उपाध्यय ने कहा कि इससे हमारा उत्पादन बढ़ेगा, जो कोयला क्षेत्र की अतिरिक्त मांग को पूरा करेगा। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य दीर्घावधि में कोल इंडिया की सभी अनुषंगी इकाइयों को 10 करोड़ टन से अधिक की इकाई बनाना है। घरेलू कोयला उत्पादन में कोल इंडिया की हिस्सेदारी 80 फीसदी से ज्यादा है।
खत्म हो रहे 2018 में कोयले की कमी के सवाल पर उपाध्याय ने कहा कि बिजली क्षेत्र की मांग में काफी तेजी आने और पूरे साल इस बढ़ती मांग की चुनौती को पूरा करने के प्रयास के कारण ऐसा हुआ। उनके मुताबिक, सरकार कोयले की मांग को पूरा करने की स्थिति में थी, लेकिन कई बार बिजली घरों में उपलब्ध कोयले का भंडार तीन-चार दिन के स्तर से नीचे चला गया।