आतंकी हमले की जांच के लिए बनी पाकिस्तान की एसआईटी के भारत आने की तारीख की जानकारी गृहमंत्री राजनाथ सिंह और उनके मंत्रालय को नहीं थी। राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि पाक जांच दल के भारत पहुंचने की तारीख के बारे में उन्हें मीडिया के माध्यम से पता चला। राजनाथ के मुताबिक उनका मंत्रालय जांच के लिए तैयार है। जांच के तरीके और उसके तकनीकी पहलूओं पर फैसला टीम के भारत आने के बाद होगा। गौरतलब है कि इस जांच से संबंधित सभी फैसले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत दोभाल के स्तर पर लिए जा रहे हैं।
जांच के संबंध में पूछे जा रहे सवाल पर राजनाथ ने कहा कि उन्हें विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के वापस आने का इंतजार है। भारत पाकिस्तान की आगे की बाचतीच का रोड़ा बने संवेदनशील पठानकोट हमले की जांच के बारे में गृहमंत्री को पता नहीं होने की स्थिति पर कांग्रेस ने तल्ख अंदाज में प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि इस्लामाबाद और दिल्ली के बीच हॉटलाईट तो साफ है लेकिन सरकार के दो अहम मंत्रालयों के बीच संवाद की कमी खतरनाक साबित हो सकता है।
गौरतलब है कि बृहस्पतिवार को नेपाल के पोखरा में सुषमा स्वराज और उनके पाकिस्तानी समकक्ष सरताज अजीज के संयुक्त बयान में आचानक जांच टीम के भारत आने की तारीख 27 मार्च का एलान किया गया। उससे पहले गृहमंत्रालय में आने की तैयारी पर काम तो चल रहा था । लेकिन तारीख के बारे में कोई संकेत नहीं था। नेपाल में हुए इस एलान के कुछ देर पहले ही गृहराज्य मंत्री किरेन रिजुजू ने कहा था कि पाकिस्तान की ओर से अबतक आने की तारीख के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है।
रिजुजू ने यह भी कहा था कि सरकार में पाक टीम को पठानकोट एयरबेस के भीतर जाने देने पर सहमति बन गई है। टीम को जांच के सिलसिले में जहां भी जाने की जरुरत पड़ेगी उसकी इजाजत दी जाएगी। लेकिन नेपाल से हुए तारीख के एलान के बाद पूरे गृहमंत्रालय ने चुप्पी साध ली थी।
पाकिस्तानी जांच दल आए, फिर तय करेंगे रूपरेखा: राजनाथ
राजनाथ सिंह
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गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले की जांच के लिए आने वाले पाकिस्तानी संयुक्त जांच दल के काम की रूपरेखा उनके भारत आने के बाद तय की जाएगी। गृह मंत्री ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि, ‘मुझे मीडिया से यह जानकारी मिली है कि पाकिस्तानी दल यहां आ रहा है। हम इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं।’
पाकिस्तानी दल को पठानकोट एयरबेस जाने देने संबंधी सवाल पर गृह मंत्री ने कहा कि उनके भारत आने बाद ही रूपरेखा तय की जाएगी।’ उन्होंने कहा, ‘हमें सुषमाजी (सुषमा स्वराज) के लौटने का इंतजार करना चाहिए।’
गौरतलब है कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और पाकिस्तान के पीएम के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने एक संयुक्त बयान में कहा था कि पाकिस्तानी एसआईटी 27 मार्च को भारत आएगी और पठानकोट मामले में जांच को आगे बढ़ाएगी।
मोदी सरकार के गृहमंत्री की अनभिज्ञता पर कांग्रेस ने कसा तंज
जयराम रमेश
कांग्रेस ने केन्द्र सरकार के विभागों में आपसी तालमेल को लेकर तंज कसा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता जयराम रमेश ने कहा कि यह विडंबना ही है कि नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच में हॉटलाइन है। बातचीत होती रहती है, लेकिन नार्थ ब्लाक(गृहमंत्रालय) और साऊथ ब्लाक(प्रधानमंत्री कार्यालय) के बीच में कोई हॉटलाइन (संपर्क)नहीं है।
कांग्रेस ने अपनी वेब साइट पर भी कमेंट किया है कि आखिर यह कैसी सरकार है, जहां गृहमंत्री को ही नहीं पता कि पाकिस्तान का संयुक्त जांच दल भारत आ रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि सबसे बड़ी संवादहीनता नार्थ ब्लाक और साऊथ ब्लाक के बीच में है। जयराम रमेश ने कहा कि पठानकोट पर हुए आतंकी हमले के दौरान भी इसी तरह की स्थिति थी और उन्हें गृहमंत्री राजनाथ सिंह के साथ सहानुभूति है। जयराम रमेश ने यह प्रतिक्रिया एक सवाल के जवाब में दी।
कांग्रेस प्रवक्ता से पूछा गया था कि गृहमंत्री ने पठानकोट आतंकी हमले के क्रम में पाकिस्तान के जांच दल के भारत आने के बारे में अनभिज्ञता जताई है। गौरतलब है कि गृहमंत्री ने कहा है कि उन्हें इसकी जानकारी मीडिया में आई खबरों के माध्यम से मिली है।