इंटरनेट से संबंधित अपराधों पर कड़ी नजर रखने के लिए
गृह मंत्रालय के तहत एक साइबर पुलिस बल स्थापित किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। मंत्रालय के नए साइबर एवं सूचना सुरक्षा (सीआईएस) विभाग की कार्यकारी योजना के लिए एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए सिंह ने कहा कि सीआईएस के तहत एक भारतीय साइबर अपराध सहयोग केंद्र (आईफोरसी) और साइबर पुलिस बल स्थापित किया जाएगा।
उन्होंने इंटरनेट पर पोर्नोग्राफी साझा करने की घटनाओं में बढ़ोतरी पर भी चिंता जताई। उन्होंने साइबर स्पेस की सख्त निगरानी करने और भारत का कानून तोड़ने, खासकर चाइल्ड पोर्न, वाली वेबसाइटों को ब्लॉक करने के लिए प्रभावी प्रणाली तैयार का निर्देश दिया। सरकार एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सीआईएस विभाग को गृह मंत्रालय के तहत 10 नवंबर, 2017 को स्थापित किया गया था।
सीआईए विभाग की चार शाखाएं हैं। इनमें सुरक्षा मंजूरी, साइबर अपराध रोकथाम, साबिर सुरक्षा और सूचना सुरक्षा शाखाएं शामिल हैं। इन सभी शाखाओं की अध्यक्षता सचिव स्तर के अधिकारी करेंगे। बयान में कहा गया है कि गृह मंत्रालय के तहत मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी (सीआईएसओ) और उप सीआईएसओ को नियुक्त करने का भी प्रस्ताव है।