गृह मंत्रालय ने अपने सलाहकार आरके मित्रा की सेवा को बिना कारण बताए अचानक खत्म कर दिया। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मित्रा 2018 में संयुक्त सचिव पद से सेवानिवृत्त होने के बाद सलाहकार के तौर पर मंत्रालय में सेवाएं दे रहे थे। 19 सितंबर को ही उन्हें सेवा विस्तार दिया गया था।
सलाहकार के तौर पर मित्रा मंत्रालय के पुलिस-2 डिविजन को संभाल रहे थे और अर्द्धसैनिक बलों से जुड़े मामलों को देख रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, सोमवार को जारी आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि 19 सितंबर को जारी सेवा विस्तार के आदेश को वापस ले लिया गया है। मंत्रालय में सलाहकार के तौर पर उनकी सेवा 30 सितंबर, 2019 को खत्म हो जाएगी।
हालांकि अचानक यह फैसला लेने का कारण पता नहीं चल सका है। लेकिन चर्चा है कि अर्द्धसैनिक बलों के अधिकारियों ने मित्रा पर सेवा संबंधी मामलों में आईपीएस अधिकारियों का पक्ष लेने का आरोप लगाया था।