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Illegal Mining: गृह मंत्री गैरकानूनी कृत्यों पर सख्त, अवैध खनन पर हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे से नजर; क्या है रणनीति?

Sun, 05 Jul 2026 09:08 PM IST
ज्योति भास्कर डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली।
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एक्शन में गृह मंत्रालय - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह एवं कोयला और खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने अवैध कोयला खनन और कोयले की चोरी से जुड़ी स्थिति की समीक्षा के लिए नई दिल्ली में एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। गृह मंत्री ने टेक्नोलॉजी का ज़्यादा असरदार ढंग से इस्तेमाल करने की ज़रूरत पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि अवैध खनन गतिविधियों में शामिल इलाकों और लोगों की पहचान करने के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर्स में लगे हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों का इस्तेमाल किया जाए।

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किस इलाके में अवैध खनन?
केंद्र सरकार, सार्वजनिक संसाधनों की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और वैध कोयला खनन कार्यों के हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के लिए कटिबद्ध है। बैठक के दौरान, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने धनबाद और आस-पास के इलाकों में अवैध कोयला खनन और चोरी की बिगड़ती स्थिति पर चिंता जताई।

कानून तोड़ने पर कैसी कार्रवाई करेगी सरकार?
कोयला मंत्रालय के अधिकारियों ने बैठक में गृह मंत्री को बताया कि अक्टूबर 2025 के पहले हफ़्ते में हुई समीक्षा के बाद से कई ठोस कदम उठाए गए हैं। यह भी बताया गया कि सीआईएसएफ और कोल इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों को 'खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957'  के तहत कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है। यह अधिकार उन्हें कोर्ट में केस करने, ऐसी जगहों पर जाने जहां अवैध कोयला होने का शक हो, तलाशी और जब्ती की कार्रवाई करने, और अवैध रूप से निकाले गए खनिजों के साथ-साथ ऐसी गैर-कानूनी गतिविधियों में इस्तेमाल किए गए औजारों, उपकरणों और गाड़ियों को जब्त करने की इजाजत देता है। 
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बैठक के बाद अमित शाह ने क्या कहा?
गृह मंत्री को यह भी बताया गया कि केंद्रीय गृह सचिव ने दिसंबर 2025 में एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की थी, जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे। इनमें 'कोयला क्षेत्र समन्वय समिति' के गठन का निर्णय भी शामिल था। अब इस समिति का गठन कर दिया गया है। शाह ने कोयला मंत्रालय और सीआईएसएफ द्वारा अब तक उठाए गए कदमों की सराहना की। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अवैध खनन की समस्या को रोकने के लिए अभी और भी बहुत कुछ करने की जरूरत है।

अधिकारों के इस्तेमाल की रणनीति क्या?
गृह मंत्री ने अवैध खनन और कोयले के अनधिकृत परिवहन पर व्यापक और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए 'जीरो कोल लीकेज प्लान' सुनिश्चित सहित कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भले ही एमएमडीआर एक्ट के तहत सीआईएसएफ और कोल इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों को अधिकार दिए गए हैं, लेकिन इन अधिकारों का इस्तेमाल सख्ती से और आपसी तालमेल के साथ, मंजूर किए गए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर के मुताबिक किया जाना चाहिए।

कोयले के परिवहन को कौन से अधिकारी रोकेंगे?
उन्होंने कोयला मंत्रालय को कार्रवाई की नियमित रूप से समीक्षा करने का भी निर्देश दिया। यह सुनिश्चित करने के लिए कि उपभोक्ता केवल कानूनी रूप से खनन किए गए कोयले का ही इस्तेमाल करें और अवैध कोयले के परिवहन को रोका जा सके, जीएसटी अधिकारियों को इसमें शामिल करना ज़रूरी है। इसलिए, ट्रांसपोर्ट किए जा रहे सभी कोयले के लिए ई-वे बिल की जांच करने की व्यवस्था होनी चाहिए।

उच्च स्तरीय बैठक में कौन से पदाधिकारी रहे मौजूद?
शाह ने गृह मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे सीआईएसएफ की तैनाती के लिए प्राथमिकता वाली सूची में कोयला क्षेत्र को शामिल करें, ताकि संवेदनशील इलाकों में तुरंत जवानों को तैनात किया जा सके। उन्होंने सीआईएसएफ को 'क्विक रिस्पॉन्स टीमें' बनाने और संवेदनशील इलाकों में कई स्तरों वाली सुरक्षा व्यवस्था लागू करने का भी निर्देश दिया, ताकि जानकारी मिलने पर अवैध खनन करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जा सके। बैठक में, केंद्रीय गृह सचिव, केंद्रीय कोयला सचिव और कोयला मंत्रालय, सीआईएसएफ, कोल इंडिया लिमिटेड तथा बीसीसीएल के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

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