गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में कहा कि धर्म परिवर्तन से जुड़े मसले को मुख्य रूप से राज्यों को देखना चाहिए। रेड्डी ने कहा कि संविधान की 7वीं अनुसूची के मुताबिक कानून व्यवस्था और पुलिस राज्यों के विषय हैं इसलिए जहां भी इस तरह की घटना हो, कानून लागू करने वाली एजेंसियां उस पर कार्रवाई करें।
सीएए के नियम तैयार किए जा रहे हैं : गृह मंत्रालय
सरकार ने सदन को बताया कि एक साल से ज्यादा समय से लागू नागरिकता संशोधन कानून के नियम बनाए जा रहे हैं। गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में लिखित जवाब में कहा कि यह कानून 12 दिसंबर, 2019 को अधिसूचित हुआ था और यह 10 जनवरी, 2020 को लागू हुआ था।
लोकसभा और राज्यसभा ने अधीनस्थ समितियों को इसके नियम तैयार करने के लिए 9 जुलाई तक का समय दे दिया है। सीएए के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में प्रताड़ित गैर मुस्लिम अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है।
सितंबर-दिसंबर के बीच 39 किसानों के खिलाफ मुकदमे
सरकार ने लोकसभा को बताया कि सितंबर से दिसंबर 2020 के बीच आक्रामक रूप से दंगा भड़काने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अफसरों पर हमला करने के आरोप में दिल्ली सीमा पर डटे 39 किसानों के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं। गृह राज्यमंत्री रेड्डी ने यह भी कहा कि आंदोलनकारी किसान सामाजिक दूरी के नियम का भी पालन नहीं कर रहे और बिना मास्क के बड़ी तादाद में जमा हैं।
पशुओं पर क्रूरता मामले में बढ़ सकता है जुर्माना
मत्स्य एवं पशुपालन राज्यमंत्री संजीव कुमार बालियान ने बताया कि सरकार को पशुओं के खिलाफ क्रूरता मामले में जुर्माना राशि 50 रुपये को बढ़ाने को लेकर कई ज्ञापन मिले हैं। सरकार ज्ञापनों का परीक्षण कर रही है।
बीते पांच साल में सीवर की सफाई करते हुए 340 लोगों की जान गई : सरकार
देश में बीते पांच साल में सीवर की सफाई के दौरान 340 लोगों की मौत हुई। सामाजिक न्याय व सशक्तीकरण राज्यमंत्री रामदास अठावले ने लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में मंगलवार को बताया, राज्यों से मिले आंकड़ों के मुताबिक, मौत के सबसे ज्यादा 52 मामले उत्तर प्रदेश से सामने आए, जबकि तमिलनाडु में 43 मामले थे। दिल्ली में 36, महाराष्ट्र में 34 और गुजरात व हरियाणा में 31-31 मामले सामने आए।
अठावले ने बताया कि आवास व शहरी मामलों के मंत्रालय, पेयजल व स्वच्छता विभाग के साथ चर्चा कर राष्ट्रीय नीति बनाई गई है, जिसके तहत हर जिले में स्वच्छता प्राधिकरण स्थापित किए जाने की परिकल्पना की गई है।