लॉकडाउन के नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए हर जिले में इंसिडेंट कमांडर की तैनाती की जाएगी। गृहमंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों में कहा गया है कि पाबंदियों व छूट को लागू करने के लिए हर जिले में डीएम एग्जिक्यूटिव मजिस्ट्रेट को इंसिडेंट कमांडर के तौर पर तैनात करेंगे। अपने अपने क्षेत्राधिकार में ये कमांडर लॉकडाउन के नियमों का पूरी तरह पालन कराने के जिम्मेदार होंगे।
ये इंसिडेंट कमांडर आवश्यक वस्तुओं की मूवमेंट के लिए पास जारी करेंगे। इन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि अस्पताल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जरूरी संसाधन, कर्मचारियों व उपकरणों की कमी न हो। लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 व आईपीसी की धारा 188 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस धाराओं के तहत 1 साल तक की कैद और जुर्माना लगाया जा सकता है। हालांकि, यदि दोषी व्यक्ति के किसी काम से जानमाल का नुकसान होता है, तो 2 साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है।