केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को यूएपीए अधिनियम 1967 के तहत नौ व्यक्तियों को आतंकवादी घोषित किया। इनमें अधिकतर खालिस्तान समर्थित आतंकी संगठन हैं जो पाकिस्तान से संचालित होते हैं। आतंकियों में बब्बर खालसा इंटरनेशनल के प्रमुख नेता वाधवा सिंह बब्बर, आतंकवादी संगठन इंटक सिख यूथ फेडरेशन के पाक-चीफ लखबीर सिंह, खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के रणजीत सिंह और खालिस्तान कमांडो फाॅर्स के परमजीत सिंह मुख्य रूप से शामिल हैं।
गृह मंत्रालय ने कहा कि ये लोग पाकिस्तान तथा अन्य विदेशी स्थानों से कामकाज करते हैं और आतंकवाद के अनेक कृत्यों में शामिल हैं। बयान में कहा गया कि वे देश को अस्थिर करने के अपने कुटिल प्रयासों में निर्ममता से शामिल रहे हैं और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों एवं खालिस्तान आंदोलन को समर्थन देकर और उसमें शामिल होकर पंजाब में आतंकवाद को फिर से पनपाने की कोशिश करते रहे हैं।
गृह मंत्रालय के बयान के अनुसार, 'राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत करने की मोदी सरकार की प्रतिबद्धता और आतंकवाद के प्रति उसकी कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति के अनुरूप केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में आज नौ लोगों को यूएपीए कानून के प्रावधानों के तहत आतंकवादी घोषित किया।'