केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कुछ राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात कर उनसे देश में तीन सप्ताह के लॉकडाउन (बंद) की घोषणा के बाद विभिन्न हिस्सों से प्रवासी मजदूरों के सामूहिक रूप से अपने-अपने गंतव्यों के लिए निकलने के मुद्दे पर ध्यान देने को कहा है।
गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने बताया कि केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने भी राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासनों से प्रवासी मजदूरों को खाना और आसरा मुहैया कराने को कहा है ताकि वे वहीं रहें, जहां हैं।
उन्होंने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि गृह मंत्री ने कुछ मुख्यमंत्रियों से बात की है और इस विषय पर उनसे विचार करने को कहा है। देश में विभिन्न स्थानों से प्रवासी मजदूरों के कार्यस्थल छोड़कर घरों की ओर निकलने की खबरें आ रही हैं। परिवहन के साधन नहीं होने के कारण बडी संख्या में लोग पैदल ही निकल रहे हैं।
श्रीवास्तव ने कहा कि गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से बंद के दौरान बड़े स्तर पर प्रवासी मजदूरों की आवाजाही रोकने को कहा है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन का मतलब है कि जहां हैं वहीं रहें।
गृह सचिव ने राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर प्रवासी श्रमिकों को भोजन और आसरा मुहैया कराने को कहा है। उन्होंने राज्यों से यह भी कहा है कि प्रवासी मजदूरों को मुफ्त अनाज की उपलब्धता की जानकारी होनी चाहिए।