आतंकवादी सरगना हाफिज सईद को राजनीतिक वैधता देने के लिए पाकिस्तान की आलोचना करते हुए गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि देश की अखंडता को बरकरार रखने के लिए सुरक्षा बल जरूरत पड़ने पर नियंत्रण रेखा पार कर सकते हैं।
जम्मू- कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बताते हुए सिंह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार कश्मीर मुद्दे का स्थायी समाधान चाहती है। सरकार की तरफ से नियुक्त वार्ताकार बातचीत करने के इच्छुक किसी भी पक्ष से वार्ता को तैयार हैं। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, ‘हम न केवल भारत की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं बल्कि देश की रक्षा के लिए जरूरत पड़ने पर सीमा भी पार कर सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि भारतीय सेना ने सितम्बर 2016 में नियंत्रण रेखा के पार आतंकी लांच पैड पर सर्जिकल हमले किए थे। साथ ही जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमले का बदला लेने के लिए उन्हें काफी क्षति पहुंचाई थी। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि भारत पाकिस्तान के साथ दोस्ताना संबंध रखना चाहता है लेकिन पाकिस्तान इसके लिए इच्छुक नहीं है। बल्कि वह लश्कर-ए-ताइबा के संस्थापक और 26/11 हमले के सरगना हाफिज सईद को ‘राजनीतिक वैधता’ दे रहा है।
हाल में
यूपी उपचुनाव के परिणाम पर राजनाथ ने कहा हमने इनसे सबक ले लिया है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगे कि भविष्य में ऐसा न हो। उन्होंने कहा, ‘हो गया, आगे नहीं होगा। हमें पता चला ऐसा भी हो सकता है।’