कश्मीर दौरे पर सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात कर उन्हें मौजूदा हालात की जानकारी दी। कश्मीर के तमाम हालातों के बीच गृहमंत्री ने अलगाववादियों के रुख के बारे में भी विस्तार से प्रधानमंत्री को जानकारी दी।
इस दौरान अलगाववादियों के अडियल रुख की भी चर्चा हुई जिसमें कश्मीर में लगातार हालात बिगड़ने के लिए उनके इस रुख को ही जिम्मेदार माना जा रहा है। सूत्रों की मानें तो जिस तरह से अलगाववादियों ने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के लिए दरवाजे बंद किए और किसी भी तरह की वार्ता से इंकार कर दिया उसको सरकार ने गंभीरता से लिया है।
अलगाववादियों के इसी अड़ियल रुख के चलते वार्ता पूरी तरह सफल नहीं हो सकी थी। जिसके चलते सरकार ने अब अलगाववादियों पर लगाम कसने की तैयारी कर ली है। आने वाले समय में इसके परिणाम देखने को भी मिल सकते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी से गृहमंत्री की मुलाकात को भी इसी कड़ी में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि सरकार अलगाववादियों को मिलने वाली सुविधाओं में कटौती कर सकती है। सरकार का मानना है कि कश्मीर में लगातार हालात बिगड़ने के पीछे बड़ी वजह वे अलगाववादी ही हैं जो किसी भी हाल में वहां अमन चैन नहीं होने देना चाहते। इसलिए सरकार अब अलगाववादियों के खिलाफ सख्ती के मूड़ में आ चुकी है।