गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आज संसद में कहा कि केंद्र जम्मू और कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने को तैयार है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार राज्य में चुनाव के मद्देनजर पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराएगी। बता दें कि पिछले छह महीने से राज्यपाल शासन के बाद अब कश्मीर में राष्ट्रपति शासन चल रहा है।
राज्यसभा में गुरुवार को गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अभी तक यह धारणा बनी हुई थी कि भाजपा के लोग हुर्रियत से बात नहीं करना चाहते हैं। इसी के कारण ठहराव की स्थिति बनी हुई है। हमने कहा आप जाइये और बात करिये। जब हुर्रियत से बात करने ऑल पार्टी डेलीगेशन पहुंचा तब उन्होंने बातचीत के सारे दरवाजे को बंद कर दिया।
राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर उन लोगों ने बात कर ली होती तो शायद कोई न कोई और रास्ता खुल गया होता। सिंह ने संसद में कश्मीर मुद्दे पर सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि उस समय की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से मैंने कहा कि अगर वह हमसे बात करना चाहती हैं तो हम उनसे बात करने के लिए तैयार हैं। हमारा दरवाजा बिना शर्त बात-चीत के लिए खुला है।
राजनाथ सिंह भारतीय जनता पार्टी पर अलगाव की भावना के लग रहे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने राज्य के लिए किसी भी अन्य पार्टी की तुलना में अधिक धन आवंटित किया है। सरकार ने सेना के लिए रिलीफ और रिहैब्लीटेशन के लिए भी बहुत कुछ किया है। उन्होंने कहा कि हमारा और पार्टी का मकसद राज्य में कानून व्यवस्था लागू करना है।
हमलोगों का मकसद जम्मू कश्मीर से आतंकवाद का सफाया करना है। उन्होंने कहा कि आतंकी हमले जम्मू कश्मीर में सिर्फ भाजपा-पीटीपी कार्यकाल के दौरान नहीं हुए हैं बल्कि यह यहां कि बहुत पुरानी और बड़ी समस्या है।