दुनिया में दूसरा सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाला देश होने के बावजूद भारत में आतंकी संगठन आईएसआईएस अपने पैर नहीं जमा पाया। केंद्र और राज्यों की एजेंसियों के बेहतर तालमेल के चलते सरकार को इस्लामिक स्टेट के खतरे को काबू करने में बड़ी सफलता मिली है। आईएसआईएस से लगाव रखने वाले 90 लोगों को पकड़ा गया है। पंजाब में 2015-16 में हुए दो आतंकी हमलों के बावजूद देश में सुरक्षा हालात मोटे तौर पर नियंत्रण में हैं। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को अपने मंत्रालय के तीन साल के कामकाज का लेखा-जोखा देते हुए ये बातें कहीं।
उन्होंने कहा, ‘आईएसआईएस और पाकिस्तान स्थित हरकत-उल-मुजाहिदीन के मुखौटा संगठन अंसार-उल-उम्माह को प्रतिबंधित संगठनों की सूची में शामिल किया गया है। देश में सुरक्षा की स्थिति सुधरी है और हम आईएसआईएस की ओर से पैदा होने वाली चुनौतियों से निपटने में कामयाब रहे हैं।’ उन्होंने कहा, इंडियन मुजाहिदीन के लिए काम करने वाले पांच लोगों को एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई है। यह आतंकवाद पर सरकार के फोकस को दर्शाता है। राजनाथ ने कहा, ‘गृहमंत्रालय का सबसे बड़ी जिम्मेदारी देश में सुरक्षा उपलब्ध कराने की है। मैं कह सकता हूं कि हम मिलकर ऐसा करने में सफल रहे हैं।’
घुसपैठ में आई है 45 फीसदी की कमी
आंतरिक सुरक्षा की उपलब्धियां गिनाते हुए गृहमंत्री ने कहा कि सितंबर 2016 में पीओके में हुई सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से कश्मीर में पाकिस्तानी घुसपैठ के मामले में पिछले साल के छह महीने की तुलना में इस साल 45 फीसदी की कमी आई है। जम्मू-कश्मीर की स्थिति काफी सुधरी है। उन्होंने यूपीए से मोदी सरकार की तुलना करते हुए कहा, 2011-14 के दौरान 239 आतंकी मारे गए थे जबकि, 2014-17 में यह संख्या बढ़कर 368 हो गई है। राजनाथ ने कहा कि हम जम्मू-कश्मीर से पाक प्रायोजित आतंकवाद का खात्मा कर देंगे और राज्य में शांति स्थापित करेंगे।
कश्मीर मसले के हल में लगेगा कुछ समय
पाक प्रायोजित आतंकवाद को जम्मू-कश्मीर से जड़ से उखाड़ फेंकने का प्रण लेते हुए राजनाथ ने कहा कि मोदी सरकार सात दशक से चली आ रही कश्मीर समस्या का स्थायी समाधान निकालने की दिशा में काम कर रही है। हालांकि इसमें कुछ समय लगेगा। राजनाथ ने कहा कि कश्मीर मसले का हल निकालते समय केंद्र कश्मीरी आवाम और राजनीतिक दलों को विश्वास में लेगा। यह समस्या 1947 से चली आ रही है और इसका हल उंगली चटकाकर नहीं किया जा सकता। राजनाथ ने कहा, ‘हम एक स्थायी समाधान पर काम कर रहे हैं। बहुत सोचने और विचार-विमर्श के बाद मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ ऐसा कह रहा हूं। हमारे पास कुछ योजनाएं हैं और हम उन पर काम कर रहे हैं, भविष्य में इसका ठोस समाधान निकलेगा। हालांकि यह कुछ समय ले सकता है।’
टॉवर लगाए गए हैं। 2,882 टॉवरों को लगाने का काम चल रहा है। बैंकों की 358 नई शाखाएं 752 एटीएम खोले गए हैं। नक्सल प्रभावित इलाकों में 1,789 पोस्ट ऑफिस खोलने की भी मंजूरी दी गई है। इसी वित्त वर्ष में छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में हवाई पट्टी पूरी तरह काम करने लगेगा।