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आठ सितंबर को गुवाहाटी जाएंगे गृहमंत्री अमित शाह, नॉर्थ ईस्ट काउंसिल की बैठक में लेंगे हिस्सा

Mon, 02 Sep 2019 06:32 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
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बैठक में गृहमंत्री अमित शाह - फोटो : ANI
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केंद्रीय गृहमंत्री और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह आगामी आठ सितंबर को दो दिन के दौरे पर असम जाएंगे। राज्य में 31 अगस्त को राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की रिपोर्ट जारी होने के बाद शाह का असम का यह पहला दौरा होगा। असम में एनआरसी में जिन लोगों के नाम नहीं आए हैं, उसे लेकर लोगों में खासी बेचैनी है। एनआरसी में तकरीबन 12 लाख लोगों के नाम नहीं हैं। इनमें से करीब तीन लाख लोगों ने कोई दावा ही नहीं किया है। इन तीन लाख लोगों के लिए अभी अपील का रास्ता खुला है। दूसरी तरफ एनआरसी में नाम रजिस्टर कराने को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है।

जिनके नाम नहीं वे राष्ट्र विहीन नहीं

गृह मंत्री अमित शाह आठ सितंबर को गुवाहाटी में नॉर्थ ईस्ट काउंसिल की बैठक में हिस्सा लेंगे। जहां इस दौरान वे आठ राज्यों के राज्यपाल और मुख्यमंत्रियों से मुलाकात करेंगे। भाजपा असम और पूर्वोत्तर के राज्यों में करोड़ों विदेशी लोगों के होने का दावा कर रही थी। एनआरसी प्रक्रिया की निगरानी सीधे सुप्रीम कोर्ट कर रहा है और सरकार अदालत के निर्देशों पर ही इस पर काम कर रही है। एनआरसी की रिपोर्ट आने के बाद राज्य के केवल 19 लाख लोग ही राष्ट्रीय नागरिकता के दायरे से बाहर है। इनमें से भी करीब तीन लाख लोगों ने कोई दावा ही नहीं किया और इनके लिए अभी अपील की गुंजाइश है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा है कि एनआरसी में जिनके नाम नहीं हैं, वे राष्ट्र विहीन नहीं हैं और उन्हें सभी उपलब्ध विकल्पों को अपनाने की सलाह दी है। दूसरी तरफ, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर के जारी होने के बाद भाजपा के सुर में भी तेजी से बदलाव आया है। ऐसे में अमित शाह का असम दौरा कई माने में अहम है।

सैन्य अधिकारियों और पूर्व विधायकों के नाम नहीं

एनआरसी की जो अंतिम सूची तैयार हुई है, उसमें कई खामियांं भी हैं। इसमें कारगिल युद्ध में भाग लेने वाले सैनिक, पूर्व विधायक का नाम नहीं है। पूर्व सैन्य अधिकारी मोहम्मद सनाउल्लाह खान का नाम इसमें नहीं है। इसी तरह से पहली सूची में एक शख्स की पत्नी का नाम सूची में गायब था, लेकिन फाइनल लिस्ट में अब पूरे परिवार का ही नाम नहीं है। यूआईयूडीएफ के विधायक अनंत कुमार और उनके बेटे का नाम भी सूची में नहीं मिला है। एनआरसी की इस सूची को लेकर कांग्रेस के नेता ही नहीं, बल्कि भाजपा के नेता भी आपत्ति जताने लगे हैं। भाजपा के नेता हेमंत विस्वा सरमा ने भी सवाल उठाते हुए कहा कि अभी लड़ाई खत्म नहीं हुई है। उन्होंने एनआरसी की अंतिम सूची को दोषपूर्ण बताया है।

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