गांधीनगर जिले की मानसा सीट पर पांच दिसंबर को चुनाव है। गृह मंत्री अमित शाह का पैतृक घर जिस इलाके में है वह गांधीनगर जिले की इसी सीट के अंतरगत आता है। विधानसभा की सीटों का परिसीमन होने के बाद हुए दोनों चुनाव में भाजपा को यहां से हार मिली है।
इलाके के मतदाता कहते हैं कि विधानसभा चुनाव के नतीजे जाति और समाज के आधार पर तय होते हैं। इलाके में महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी से लोग परेशान तो हैं, लेकिन प्राथमिकता खुद के जाति और समाज के उम्मीदवार हैं। ज्यादातर लोग मानते हैं कि अपनी जाति के उम्मीदवार को ही वोट डालेंगे क्योंकि वही अपने लोगों के काम आ सकता है।
पेशे से शिक्षक राकेशभाई राही कहते हैं, “यहां ट्रैफिक की बहुत समस्या है। अवैध निर्माण के कारण यह समस्या बढ़ गई है। आवारा पशु भी यहां की एक बहुत बड़ी समस्या हैं।’
व्यापारी रसीकभाई पटेल का कहना है, “इलाके के लोगों को रोजगार का संकट है, यहां सिर्फ एक जीआईडीसी है। बीते 10 साल से इलाके में कोई बड़ी कंपनी नहीं आई, जिससे विकास होता और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता।”
समाजसेवक पीयुषभाई पंचाल ने कहा, “शिक्षा के क्षेत्र में इलाका पिछड़ा हुआ है।”
मानसा विधानसभा क्षेत्र में करीब 30 फीसदी मतदाता पाटीदार समुदाय से आते हैं, जबकि ठाकोर समाज के इससे कुछ ज्यादा करीब 32 फीसदी मतदाता हैं। इसके बाद चौधरी समाज के लोग भी करीब 20 फीसदी के आसपास हैं। मतदाताओं में चौधरी समाज के मतदाताओं की संख्या करीब 12.5 फीसदी है।
2017 में इस विधानसभा सीट पर कांग्रेस के सुरेशकुमार पटेल ने भाजपा के अमित चौधरी को पराजित किया था। इस बार भाजपा ने जेएस पटेल को मैदान में उतारा है। उनके खिलाफ कांग्रेस ने बाबूसिंह ठाकोर को टिकट दिया है। वहीं, आम आदमी पार्टी की ओर से भास्कर पटेल अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। यहां कई सारे प्रवासन स्थल हैं। मानसा में पौराणिक वाव, स्वामी नारायण मंदिर, श्री त्रिक्रमजी मंदिर, सत्यनारायण मंदिर व विजय चौक प्रसिद्ध है। इस विधानसभा केंद्र में कुल मिलाकर 2,30,895 मतदाता हैं। इसमें महिलाओं की संख्या 1,12,195 और पुरुषों की संख्या 1,18,691 है।
इलाके के मतदाता कहते हैं कि इस बार मुकाबला त्रिकोणीय है। आम आदमी पार्टी का उम्मीदवार को कितने वोट मिलते हैं इससे ही जीत और हार होगी। आप के समर्थक जहां अपने उम्मीदवार की जीत का दावा कर रहे हैं, वहीं, कांग्रेस समर्थक आप को भाजपा की बी टीम बता रहे हैं। जबकि, भाजपा के समर्थक इस बार पार्टी की आसान जीत का दावा कर रहे हैं।