ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम चुनाव 2020 को वर्ष 2023 के तेलंगाना विधानसभा चुनाव से पहले का टेस्ट माना जा रहा है। यही वजह है कि भाजपा ने राज्य के मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव की टीआरएस और असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम के खिलाफ अपने दिग्गज नेताओं की फौज को उतार दिया है। बता दें कि राज्य में राव की पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति की सरकार और उसके ओवैसी की एआईएमआईएम के साथ दोस्ताना रिश्ते हैं।
चार जिले, 24 विस सीटें व पांच लोस सीटें
ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम देश के बड़े नगर निगमों में से एक है। इस नगर निगम का कार्यक्षेत्र चार जिलों में फैला है। इसमें हैदराबाद, रंगारेड्डी, मेडचल-मलकजगिरी और संगारेड्डी आते हैं। इस इलाके में 24 विधानसभा क्षेत्र और तेलंगाना की पांच लोकसभा सीटें आती हैं। नगर निगम के 150 पार्षद के चुनाव हो रहे हैं। ओवैसी की पार्टी ने मात्र 51 सीटों पर प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं, जबकि भाजपा, कांग्रेस व टीआरएस ने सभी सीटों पर।
यही कारण है कि नगर निगम चुनाव में केसीआर से लेकर भाजपा, कांगेस से लेकर ओवैसी ने अपनी ताकत झोंक दी है। यहां एक दिसंबर को वोट डाले जाएंगे और चार दिसंबर को मतगणना होगी।
शहर का नाम भाग्य नगर करने की मांग कर रही भाजपा
अमित शाह ने रविवार सुबह हैदाराबाद पहुंचने के बाद सबसे पहले भाग्यलक्ष्मी देवी मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की। इसी मंदिर के नाम पर भाजपा हैदराबाद का नाम बदलकर भाग्य नगर करने की मांग कर रही है। इसके बाद शाह ने सिकंदराबाद में रोड शो व भाजपा कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की।