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एनआरसी पर आखिर नरम पड़ी सरकार, प्रधानमंत्री के बाद गृह मंत्री ने साफ की स्थिति

Tue, 24 Dec 2019 10:41 PM IST
देव कश्यप डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह - फोटो : ANI
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संसद भवन में नागरिकता संशोधन विधेयक पेश करने के दौरान देश के गृह मंत्री और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पूरे देश में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) लागू करने की घोषणा की थी, लेकिन रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसमें सरकार के नरमी भरे रुख का संकेत दिया। खुद अमित शाह ने एएनआई को दिए साक्षात्कार में प्रधानमंत्री के रविवार के वक्तव्य को सही बताया है।

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इसके साथ-साथ केन्द्र सरकार ने एनपीआर (राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर) तैयार करने की घोषणा की है। एक अप्रैल 2020 से एनपीआर तैयार करने का काम शुरू हो जाएगा और 2021 तक इसे पूरा कर लिए जाने की उम्मीद है। सरकार के मंत्री अब एनपीआर को लेकर सफाई देने में जुट गए हैं।

अमित शाह को लेकर विपक्ष फैला रहा है भ्रम
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को हटाने और राज्य की वैधानिक स्थिति में बदलाव, तीन तलाक कानून, नागरिकता संशोधन अधिनियम और बार-बार पूरे देश में एनआरसी लागू करने की घोषणा ने अमित शाह की छवि को बदलकर रख दिया है। हालांकि भाजपा के एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि अमित शाह को लेकर विपक्ष लगातार भ्रम फैला रहा है। भ्रमजाल फैलाने वाले लोग ही अमित शाह की छवि बिगाड़ रहे हैं। जबकि उनकी पार्टी के अध्यक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री अच्छे प्रशासक, कुशल राजनीतिक नेता, लगातार सक्रियता के साथ परिणाम देने वाले कार्यकर्ता तथा नियम-कानून से काम करने वाले गृह मंत्री हैं। वह स्पष्टवादी हैं और संसद से लेकर पार्टी के दफ्तर तथा जनता के बीच में बहुत साफ तरीके से अपनी बात रखते हैं।

सरकार ने ही जनता में भ्रम पैदा कर दिया

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता बीके हरिप्रसाद का कहना है कि सरकार ने ही जनता में भ्रम पैदा कर दिया है। प्रधानमंत्री एनआरसी पर कुछ बोल रहे हैं, गृह मंत्री कुछ बोल रहे हैं। यह समझना मुश्किल हो गया है कि कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ? गृह मंत्री तो जनता के बीच में अपना विश्वास खो चुके हैं। हरिप्रसाद के अनुसार अब तक किसी भी गृह मंत्री की छवि इतनी भ्रामक नहीं बनी थी। समझ में नहीं आ रहा है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम, एनआरसी और अब एनपीआर यह सब क्या है? हरिप्रसाद का कहना है कि दरअसल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह अपनी राजनीतिक दुकान खोलना चाह रहे थे, लेकिन झारखंड चुनाव के नतीजे ने इनके विश्वास को हिला दिया है। इसलिए संतुलन गड़बड़ा रहा है।

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कांग्रेस के ही एक अन्य नेता का कहना है कि प्रधानमंत्री के बयान में गनीमत रहती है। वह संभलकर आक्रमक होते हैं। कम से कम एक संतुलन बनाने की कोशिश करते हैं। इसके उलट गृह मंत्री अमित शाह तो मानो, कानून, संविधान, सरकार सबका अपने हिसाब (दुरुपयोग) से इस्तेमाल करना चाहते हैं। इसके कारण उनकी छवि से लोगों और खासकर अल्पसंख्यकों, बुद्धजीवियों में डर का माहौल बढ़ रहा है। समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद का कहना है कि केन्द्रीय गृह मंत्री अपनी छवि को लगातार स्थापित करने में लगे हैं। इसके लिए वह काफी जल्दबाजी में हैं।

क्या सरकार एनआरसी पर निर्णय से पीछे हटेगी?

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जिस तरह से डिटेंशन सेंटर और एनआरसी को लेकर बयान दिया है, उससे लग रहा है कि सरकार देश के मौजूदा वातावरण को लेकर संवेदनशील है। गृहमंत्री ने असम को छोड़कर अन्य क्षेत्रों और पूरे देश में एनआरसी को लेकर कुछ खास नहीं कहा। वहीं केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने भी इसके बाबत सफाई दी है। वह एनपीआर को जायज ठहरा रहे हैं। केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर जब मंगलवार को केन्द्रीय मंत्रिमंडलीय समिति के निर्णय की जानकारी दे रहे थे, उनके बयानों में नागरिक संशोधन अधिनियम और एनआरसी को लेकर बन रहे जन दबाव का असर साफ दिखाई दे रहा था।

क्या एनपीआर से भी भड़केंगे लोग?

कांग्रेस के नेता बीके हरिप्रसाद का कहना है कि भ्रम तो सरकार फैला रही है। एनपीआर और जनगणना में फर्क है। मुझे भी समझ में नहीं आ रहा है कि यह क्या हो रहा है? हरिप्रसाद का कहना है कि एनपीआर को लेकर लोगों का संवेदनशील होना, इसके बारे में जानना और अपना संदेह दूर करना स्वाभाविक है। उन्हें कुछ गलत लगेगा तो विरोध दर्ज करा सकते हैं। वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि विपक्ष के द्वारा भ्रम फैलाने के कारण ही एनपीआर का भी विरोध करने की स्थिति पैदा होगी।

विपक्ष की कोशिश लगातार जनता को भड़काने की है। एक मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि देश में आधार लाया गया। आधार में हर नागरिक की बायोमेट्रिक पहचान है। देश के हर नागरिक के पास मतदाता पहचान पत्र है। देश के लोगों की जनगणना हर दस साल में होती है। केन्द्र सरकार ने पहले ही हर नागरिक के पास एक बहुउद्देश्यी पहचान कार्ड होने की जरूरत बताई है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने संसद भवन में पूरे देश में एनआरसी लागू करने के लिए कहा है। ऐसे में उन्हें जानना है कि एनपीआर क्या है? सूत्र का कहना है कि अभी एनपीआर की घोषणा हुई है। कुछ दिन बाद ही इसके बारे में विस्तार से पता चलेगा।

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