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गृहमंत्री अमित शाह ने चुनावी तरकश से निकाले ‘भावना, श्रद्धा और जोश’ के तीर

Sun, 20 Dec 2020 06:17 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
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अमित शाह (file photo) - फोटो : twitter.com/BJP4India
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पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस में चल रही उठापटक के बीच गृहमंत्री अमित शाह ने आधी रात के बाद ‘एंट्री’ मार राज्य का सियासी पारा और बढ़ा दिया है। शाह ने बंगाल की धरती से ‘भावनात्मक और श्रद्धा’ के साथ साथ ‘जोशीले अंदाज’ में युवाओं को जोड़ने की अपील की। आज उनके दौरे का दूसरा दिन है। 

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शाह शनिवार को सबसे पहले स्वामी विवेकानंद के आश्रम पहुंचे और उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। शाह ने कहा, मैं उस स्थान पर आया हूं, जो न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व के लिए चेतना जागृत करने का केंद्र है। इसलिए आज मैं यहां से नई चेतना प्राप्त करने जा रहा हूँ।

उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी ने आधुनिकता और अध्यात्म को जोड़ने का काम किया। स्वामी जी ने खुद को देश के पुनरुत्थान के लिए समर्पित किया था।


इसके बाद गृहमंत्री पश्चिमी मिदनापुर स्थित खुदीराम बोस के घर पहुंचे और वहां की मिट्टी को नमन किया। शाह ने कहा कि देश को आजाद कराने में बंगाल के वीर सपूतों का योगदान कोई भुला नहीं सकता। बोस ने जब अपने प्राण देश की आजादी के लिए न्योछावर कर दिए तो युवाओं ने उनके नाम की धोती बांधनी शुरू कर दी थी।
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आगे कहा कि यह वही बंगाल है। वह जितने बंगाल के थे उतने ही पूरे भारत के। जैसे बिस्मिल जितने यूपी के थे उतने पूरे भारत के। उन्होंने ममता सरकार पर हमलावर होते हुए कहा कि बंगाल में बहुत ओछी राजनीति चल रही है। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।

सिद्धेश्वरी देवी मंदिर में टेका माथा, मांगा जीत का आशीर्वाद
अमित शाह मिदनापुर के प्रसिद्ध सिद्धेश्वरी देवी मंदिर भी गए। यहां पर उन्होंने पूजा अर्चना की और देवी के मंदिर में सिर झुकाया। शाह ने कहा कि वह मंदिर में पूजा करने आए हैं। इसके बाद शाह दोपहर में मिदनापुर पहुंचे और बेलिजुरी गांव में एक किसान के घर पर भोजन किया। इस पूरे दौरे में अमित शाह के साथ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष और कैलाश विजयवर्गीय मौजूद थे।

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