महाराष्ट्र के नांदेड़ गुरुद्वारा के बाहर होला मोहल्ला मनाने से रोकने गई पुलिस टीम पर वहां उपस्थित कुछ युवकों ने हमला कर दिया जिससे चार कर्मी घायल हो गए। अधिकारी के अनुसार लॉकडाउन के कारण होला मोहल्ला की अनुमति नहीं दी गई थी और इसके लिए पहले ही गुरुद्वारा कमेटी को सूचित किया गया था। अधिकारी ने कहा कि कमेटी ने हमें भरोसा दिया था कि वे इसे गुरुद्वारा के अंदर करेंगे, लेकिन शाम के चार बजे के आसपास 300 से 400 युवक बाहर आ गए और पुलिस कर्मी से बहस करने लगे। बात ही बात में वे उग्र हो गए और गेट तोड़ने लगे। जब पुलिस टीम ने रोकने की कोशिश की तो उग्र युवकों ने उनपर हमला कर दिया जिसमें चार कर्मी घायल हो गए।
क्या है होला मोहल्ला
सिखों के पवित्र धर्मस्थान श्री आनंदपुर साहिब मे लगने वाले मेले को होला मोहल्ला कहते हैं। भारत के हर क्षेत्र में रहने वाले सिख गुरुद्वारा में इसे मनाते हैं। सिखों के लिए होला मोहल्ला का बहुत महत्व है। सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह इसके माध्यम से समाज के दुर्बल और शोषित वर्ग की प्रगति चाहते थे। होला महल्ला का उत्सव आनंदपुर साहिब में छः दिन तक चलता है। इस अवसर घोड़ों पर सवार निहंग, हाथ में निशान साहब उठाए तलवारों के करतब दिखा कर साहस, पौरुष और उल्लास का प्रदर्शन करते हैं।