एचएमएक्स एक बेहद शक्तिशाली विस्फोटक है, जिसका बड़े स्तर पर इस्तेमाल मिसाइलों, रॉकेट मोटरों, टॉरपीडो और युद्धक सामग्री में होता है। रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस सौदे को लेकर अमेरिका ने चिंता जताई है।
अमेरिकी प्रतिबंधों की चेतावनियों के बावजूद भारत की एक कंपनी ने दिसंबर 2024 में रूस को अत्यंत खतरनाक विस्फोटक रसायन एचएमएक्स भेजा। इसे ऑक्टोजेन कहा जाता है। विस्फोटक की कुल कीमत 14 लाख डॉलर (करीब 12 करोड़ रुपये) थी।
विज्ञापन
यह जानकारी भारतीय सीमा शुल्क डेटा से सामने आई है। एचएमएक्स एक बेहद शक्तिशाली विस्फोटक है, जिसका बड़े स्तर पर इस्तेमाल मिसाइलों, रॉकेट मोटरों, टॉरपीडो और युद्धक सामग्री में होता है। रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस सौदे को लेकर अमेरिका ने चिंता जताई है। अमेरिकी सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि एचएमएक्स जैसे रासायनिक पदार्थ रूस के युद्ध प्रयास के लिए अहम हैं और जो भी कंपनियां या वित्तीय संस्थाएं रूस को ऐसे पदार्थ उपलब्ध कराएंगी, उन्हें प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। रूसी कंपनी प्रोम्सिन्टेज ने इस एचएमएक्स की सबसे बड़ी खेप खरीदी।
इस कंपनी को यूक्रेन की सुरक्षा एजेंसी एसबीयू ने रूस की सेना से जुड़ा बताया है। अप्रैल 2025 में यूक्रेन ने इसी कंपनी की एक फैक्ट्री पर ड्रोन हमला किया था। भारतीय सीमा शुल्क डेटा के अनुसार, दिसंबर में आइडियल डेटोनेटर प्रा. लि. नामक तेलंगाना की कंपनी ने दो बार एचएमएक्स रूस को भेजा, जिसे सेंट पीटर्सबर्ग में उतारा गया। एक खेप की कीमत 4.05 लाख डॉलर (3.45 करोड़ रुपये) थी और उसे हाई टेक्नोलॉजी इनिशिएशन सिस्टम नामक रूसी कंपनी ने खरीदा, जबकि दूसरी बड़ी खेप प्रोम्सिन्टेज ने खरीदी जिसकी कीमत 10 लाख डॉलर (करीब 8.65 करोड़) से अधिक थी। दोनों कंपनियां रूस के समारा ओब्लास्ट क्षेत्र में स्थित हैं, जो कजाकिस्तान की सीमा के पास है।
विज्ञापन
एचएमएक्स का नागरिक उपयोग भी : भारत
भारत सरकार ने इस मुद्दे पर कहा, भारत दोहरे उपयोग वाले उत्पादों का निर्यात अंतरराष्ट्रीय अप्रसार दायित्वों और कठोर कानूनी-नियामक ढांचे के तहत करता है। एक भारतीय अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, एचएमएक्स के कुछ सीमित नागरिक उपयोग भी हैं। हालांकि, यह अपने सैन्य उपयोग के लिए अधिक जाना जाता है।