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HMPV: भारत में बढ़ रहे एचएमपीवी के मामले, गुजरात में आठ साल का बच्चा मिला संक्रमित, राज्य में अब तीन केस

Fri, 10 Jan 2025 02:51 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिम्मतनगर

सार

गुजरात में एचएमपीवी का पहला मामला छह जनवरी को दर्ज किया गया था। यहां राजस्थान का एक दो महीने का बालक एचएमपीवी से संक्रमित पाया गया था। अस्पताल में इलाज के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। इसके बाद गुरुवार को अहमदाबाद में 80 साल के वृद्ध को एचएमपीवी संक्रमित पाया गया था। इसके बाद बच्चा संक्रमित मिला।
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एचएमपीवी (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Adobe stock
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विस्तार
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भारत में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी)  के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। गुजरात के सांबरकांठा में आठ साल का बच्चा एचएमपीवी संक्रमित मिला है। गुजरात में ही अब तक तीन केस सामने आ चुके हैं। इसे लेकर राज्य सरकार ने अलर्ट जारी किया है। 
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अधिकारियों ने बताया कि बच्चा प्रांतिज तालुका के खेतिहर मजदूर परिवार का है। पिछले दिनों उसका एक निजी अस्पताल की लैब में परीक्षण किया गया था। जहां उसे एचएमपीवी संक्रमित पाया गया था। इसके बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने उसके रक्त के नमूनों को सरकारी प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा था। 

साबरकांठा जिला कलेक्टर रतनकंवर गढ़विचरन ने कहा कि हिम्मत नगर के निजी अस्पताल में भर्ती बच्चे को सरकारी प्रयोगशाला की रिपोर्ट में एचएमपीवी से संक्रमित पाया गया है। उसका इलाज चल रहा है। बच्चे की हालत स्थिर है। अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि लड़का पहले वेंटिलेटर पर था।
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गुजरात में एचएमपीवी का पहला मामला छह जनवरी को दर्ज किया गया था। यहां राजस्थान का एक दो महीने का बालक एचएमपीवी से संक्रमित पाया गया था। अस्पताल में इलाज के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। इसके बाद गुरुवार को अहमदाबाद में 80 साल के वृद्ध को एचएमपीवी संक्रमित पाया गया था। 

देश में एचएमपीवी के मामले सामने आने के बाद से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय अलर्ट मोड पर है। इसे लेकर राज्यों को सतत निगरानी और सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। दो दिन पहले केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला ने देश में श्वसन संबंधी बीमारियों और सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों के प्रबंधन की समीक्षा की। स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को आश्वसत किया है इस संक्रमण को लेकर डरने या घबराने की जरूरत नहीं है।

एचएमपीवी सबसे पहले 2001 में खोजा गया और यह पैरामिक्सोविरिडे परिवार का हिस्सा है। यह वायरस रेस्पिरेटरी सिंसाइटियल वायरस (आरएसवी) से संबंधित है। यह खांसने या छींकने से निकलने वाली सांसद की बूंदों के जरिए फैलता है। यह संक्रमित व्यक्ति को छूने या संक्रमित व्यक्तियों से सीधे संपर्क में आने से भी फैल सकता है। 
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