केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि हमारा साझा दायित्व और संकल्प होना चाहिए कि आने वाली पीढ़ियों को खोखला करने वाली नशे की इस समस्या को हम समाप्त कर दें। हमारा संकल्प हो कि न एक ग्राम ड्रग हम दुनिया से देश में आने देंगे और न ही एक भी ग्राम ड्रग हमारे देश से दुनिया में जाएगी। दुनियभर के युवाओं के कल्याण का संकल्प लेकर हमने यह रोड मैप बनाया है। हमें संवेदना के साथ और इसके महत्व को समझकर टॉप मोस्ट प्रायोरिटी पर नशा मुक्त भारत के लिए काम करना होगा।
इन चार स्तंभों में 100 से ज्यादा लक्ष्यों को विभाजित किया गया है। विज़न डॉक्यूमेंट में दिए गए 1 लाख नशामुक्त मित्र के निर्धारित लक्ष्य अंतर्गत अब तक विभिन्न मंत्रालयों ने 46,780 नशामुक्त मित्र पंजीकृत कर दिए हैं और वे काम भी कर रहे हैं। इस अभियान को ज़मीन तक पहुंचाने के लिए नशामुक्त मित्र आने वाले दिनों में देश के 10 लाख स्कूलों, कॉलेज, इंस्टीट्यूशन्स में जाकर युवाओं को चेताएंगे और कैंपस के डायरेक्टर को सेंसिटाइज करेंगे। बतौर शाह, हमारा लक्ष्य एएनटीएफ को एंटी नारको मिशन कमांड बनाने का होना चाहिए और मैनपावर, टेक्नोलॉजी, बजट आदि के लिए राज्यों के मुख्य सचिवों को अलग तरीके से सोचना पड़ेगा। केंद्र सरकार क्षमता निर्माण में तकनीक और फॉरेंसिक पर ध्यान दे रही है।
केन्द्रीय गृह ने कहा कि हमें सीजर-सेंट्रिक अप्रोच रखने की जगह नेटवर्क ध्वस्त करने का लक्ष्य रखकर आगे बढ़ना चाहिए। हमारी प्राथमिकता बैकवर्ड-फॉरवर्ड इन्वेस्टिगेशन के साथ-साथ फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन और डिजिटल लिंक्स ढूंढना भी होनी चाहिए। नशे के व्यापारियों द्वारा कमाए गए पैसों पर भी हमारा प्रहार होना चाहिए। कार्टेल पर तीन स्तरों पर प्रहार करना है - एंट्री पॉइंट, अंतरराज्यीय डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम और जिलों में लोकल सेल के नेटवर्क पर। साथ ही, जिलों को तीन क्लस्टर में बांटा जाएगा - ड्रग बनाने वाले या देश में प्रवेश देने वाले जिले, ट्रांसपोर्टेशन कॉरिडोर वाले जिले और उपभोग वाले जिले। पीआईटीएनडीपीएस का उपयोग बढ़ाना होगा क्योंकि देश में इसकी ज़रूकत है। इन्वेस्टिगेशन से कनविक्शन तक का पूरा रोडमैप पब्लिक प्रोसिक्यूटर्स के साथ बनाना होगा।
भारत में मौजूद विदेशी आरोपियों को वापस भेजने के लिए और वे दोबारा कभी भारत न आएं, इसके लिए उन्हें ब्लैकलिस्ट करने का अभियान चलाना पड़ेगा। साथ ही विदेशों में बैठकर देश में ड्रग्स सप्लाई कर रहे भगोड़ों को पकड़कर भारत की अदालत के सामने लाना है। सीमाओं और उत्पादन केंद्रों को लक्ष्य बनाकर हमें सारे लूपहोल्स समाप्त करने पड़ेंगे। हर एएनटीएफ को इंफॉर्मेशन को एक्शनेबल इंटेलिजेंस बनाने की पूरी प्रक्रिया को अपने राज्य की पुलिस की कार्य संस्कृति का हिस्सा बनाना चाहिए। गृह मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि हम नशे के खिलाफ इस लड़ाई में सफल होंगे और इसे जीत कर रहेंगे।
सम्मेलन के दौरान किए गए विचार-विमर्श से ड्रग्स नियंत्रण संबंधी कानूनों के प्रभावी प्रवर्तन को और सुदृढ़ करने और देश के युवाओं को ड्रग्स से दूर रखने के लिए अपनाई जा रही रणनीतियों को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। यह राष्ट्रीय आयोजन ड्रग्स के दुरुपयोग से निपटने और नशा-मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने के लिए एनसीबी तथा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के एएनटीएफ के बीच भविष्य के लिए तैयार साझेदारी को और मजबूत करने का एक प्रभावी मंच प्रदान करेगा।