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NIA: जम्मू कश्मीर में हिजबुल का नया मददगार जैश-उल-मुजाहिदीन, धन जुटाने और आतंकवाद फैलाने की रच रहा साजिश

Mon, 25 May 2026 06:10 PM IST
Asmita Tripathi डिजिटल ब्यूरो ,अमर उजाला

सार

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर में तीन ठिकानों पर छापेमारी की है। यह विस्तृत तलाशी अभियान, प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी (जेईआई) संगठन से जुड़े आतंकी वित्तपोषण मामले से संबंधित है।
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एनआईए ने कोलकाता में की छापेमारी - फोटो : ANI
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विस्तार
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर में तीन ठिकानों पर छापेमारी की है। यह विस्तृत तलाशी अभियान, प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी (जेईआई) संगठन से जुड़े आतंकी वित्तपोषण मामले से संबंधित है। जम्मू कश्मीर में हिजबुल मुजाहिदीन का नया मददगार 'जैश-उल-मुजाहिदीन' है। यह संगठन, धन जुटाने और आतंकवाद फैलाने की साजिश रच रहा है।  

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कश्मीर के श्रीनगर और शोपियन जिलों में चलाए गए इन तलाशी अभियानों में कई आपत्तिजनक वित्तीय दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए हैं। इन पर जेईआई और जम्मू-कश्मीर में स्थित उसके विभिन्न ट्रस्टों/संगठनों की गतिविधियों से संबंधित होने का संदेह है। एनआईए, यूएई अधिनियम के तहत गैरकानूनी घोषित जैश-उल-मुजाहिदीन (जेआई) की अलगाववादी और विभाजनकारी गतिविधियों की जांच कर रही है। यह जांच आरसी-03/2021/एनआईए/डीएलआई मामले के तहत की जा रही है। 

एनआईए की अब तक की जांच से पता चला है कि जैश-उल-मुजाहिदीन, घाटी और भारत के अन्य हिस्सों में आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने और आतंकवाद को बढ़ावा देने में सक्रिय रूप से शामिल था। यह संगठन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी कल्याणकारी गतिविधियों के लिए दान के नाम पर घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धन जुटाती थी। दान से एकत्रित राशि का इस्तेमाल हिंसक और अलगाववादी गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। संगठित नेटवर्क के माध्यम से यह राशि हिजबुल मुजाहिदीन (एचएम) जैसे प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों तक पहुंचाई जा रही थी। 
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जैश-ए-आई की आतंकी साजिश में कश्मीर के भोले-भाले युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर उन्हें नए सदस्य (रुकुन) के रूप में भर्ती करना और उनसे अलगाववादी गतिविधियां करवाना भी शामिल था। एनआईए इस मामले में अपनी जांच जारी रखे हुए है, ताकि संगठन की अलगाववादी गतिविधियों को समाप्त किया जा सके और जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके।

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