पुलिस का कहना है कि नीरज शातिर अपराधी था। उस पर एक दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे। हत्या के दो मुकदमों के साथ ही रंगदारी समेत कई अन्य मामलों में उसका नाम सामने आ चुका था। 2006 में कचहरी डाकघर लूटकांड में भी उसके शामिल होने की बात आई थी। पुलिस का कहना है कि उसकी कई लोगों से दुश्मनी की बात सामने आई थी। पंडाल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
एसएसपी नितिन तिवारी के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज के जरिए हत्यारों को चिह्नित करने का प्रयास किया जा रहा है। परिजनों के साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की गई है। क्राइम ब्रांच समेत तीन टीमें मामले के खुलासे के लिए लगाई गई हैं।