हिन्दू युवा वाहिनी यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के गले की फांस बनती दिख रही है। एक ओर वाहिनी के गतिविधियों को लेकर योगी पर विपक्ष के हमले जारी हैं। तो दूसरी ओर भाजपा के भीतर से भी वाहिनी के खिलाफ आवाज बुलंद होने लगी है। संघ ने योगी पर दबाव बनाया है कि वे वाहिनी को खत्म करें। जबकि योगी का राजनीतिक कद बढाने में अहम भूमिका निभाने वाले हिन्दू युवा वाहिनी के मौजूदा नेता और कार्यकर्ता भगवा राज में अच्छे दिनों का अहसास करना चाहते हैं।
हिन्दू युवा वाहिनी पर केशव के अपरोक्ष हमले को माना जा रहा संघ का समर्थन
सूत्र बताते हैं कि 2 मई को लखनऊ में संपन्न भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में उपमुख्यमंत्री एवं प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने हिन्दू युवा वाहिनी के खिलाफ अपरोक्ष हमला बोला था। योगी पर अपरोक्ष निशाना साधते हुए उन्होंने कहा था कि कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर बाहर के लोगों को तवज्जो देने की जो कोशिश की जा रही है उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बताया जा रहा है कि केशव के इस रवैये को सूबे के संघ का समर्थन प्राप्त है। यही वजह है कि शाह की उपस्थिति में केशव ने योगी पर हमला बोलने की साहस जुटाई। हालांकि केशव के हमले के अगले दिन हिन्दू युवा वाहिनी के महासचिव पी के मल ने एलान किया कि अगले छह महीने या सालभर तक हिन्दू युवा वाहिनी कोई भी नया सदस्य नहीं बनाएगी।
संघ को नहीं पसंद समानांतर संगठन
संघ के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि संघ की कार्ययोजना में समानांतर चलने वाले व्यक्तिवादी संगठनों की मान्यता नहीं है। श्रीराम सेना से लेकर तमाम संगठन संघ के विचारों के करीब बने लेकिन संघ ने कभी इन्हें मान्यता नहीं दिया। यही नहीं लोकसभा चुनाव 2014 के दौरान नरेंद्र मोदी आर्मी और मोदी सेना सरीखे संगठन भी प्रभाव में आए थे। लेकिन इन संगठनों को भी मान्यता नहीं दी गई।