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योगी के गले की फांस बनी हिन्दू युवा वाहिनी, संघ ने बनाया खत्म करने का दबाव

Wed, 10 May 2017 07:52 PM IST
संजय मिश्र
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सीएम योगी आदित्यनाथ
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हिन्दू युवा वाहिनी यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के गले की फांस बनती दिख रही है। एक ओर वाहिनी के गतिविधियों को लेकर योगी पर विपक्ष के हमले जारी हैं। तो दूसरी ओर भाजपा के भीतर से भी वाहिनी के खिलाफ आवाज बुलंद होने लगी है। संघ ने योगी पर दबाव बनाया है कि वे वाहिनी को खत्म करें। जबकि योगी का राजनीतिक कद बढाने में अहम भूमिका निभाने वाले हिन्दू युवा वाहिनी के मौजूदा नेता और कार्यकर्ता भगवा राज में अच्छे दिनों का अहसास करना चाहते हैं। 
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हिन्दू युवा वाहिनी पर केशव के अपरोक्ष हमले को माना जा रहा संघ का समर्थन

सूत्र बताते हैं कि 2 मई को लखनऊ में संपन्न भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में उपमुख्यमंत्री एवं प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने हिन्दू युवा वाहिनी के खिलाफ अपरोक्ष हमला बोला था। योगी पर अपरोक्ष निशाना साधते हुए उन्होंने कहा था कि कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर बाहर के लोगों को तवज्जो देने की जो कोशिश की जा रही है उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बताया जा रहा है कि केशव के इस रवैये को सूबे के संघ का समर्थन प्राप्त है। यही वजह है कि शाह की उपस्थिति में केशव ने योगी पर हमला बोलने की साहस जुटाई। हालांकि केशव के हमले के अगले दिन हिन्दू युवा वाहिनी के महासचिव पी के मल ने एलान किया कि अगले छह महीने या सालभर तक हिन्दू युवा वाहिनी कोई भी नया सदस्य नहीं बनाएगी।

संघ को नहीं पसंद समानांतर संगठन

संघ के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि संघ की कार्ययोजना में समानांतर चलने वाले व्यक्तिवादी संगठनों की मान्यता नहीं है। श्रीराम सेना से लेकर तमाम संगठन संघ के विचारों के करीब बने लेकिन संघ ने कभी इन्हें मान्यता नहीं दिया। यही नहीं लोकसभा चुनाव 2014 के दौरान नरेंद्र मोदी आर्मी और मोदी सेना सरीखे संगठन भी प्रभाव में आए थे। लेकिन इन संगठनों को भी मान्यता नहीं दी गई। 
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संघ ने योगी के समझ रखी वाहिनी को भंग करने की शर्त

hindu yuva vahini
संघ सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री वक्त बनाते वक्त संघ—भाजपा नेतृत्व की ओर से योगी के समक्ष कुछ शर्ते रखी गई थी। उसमें हिन्दू युवा वाहिनी को भंग करने की शर्त प्रमुख है। मगर मुख्यमंत्री बनने के बाद भी योगी हिन्दू युवा वाहिनी को भंग करना तो दूर उसके कार्यकर्ताओं पर लगाम तक नहीं कस रहे हैं।

हिन्दू युवा वाहिनी को लेकर मुश्किल क्यों 

वर्ष 2002 में स्थापित हिन्दू युवा वाहिनी को लेकर भगवा परिवार की मुश्किलें इसलिए बढ गई हैं कि योगी के मुख्यमंत्री बनने के बाद से वाहिनी के कार्यकर्ता अनगाइडेड गतिविधियां चला रहे हैं। जोकि भाजपा के सुशासन की राजनीति पर सवाल खडे कर रहा है। बीते एक माह में यूपी में कानून व्यवस्था से जुडी कई घटनाए हुई हैं जिसमें वाहिनी के कार्यकर्ताओं की भूमिका रही। यही वजह है कि वाहिनी के क्रियाकलापों से भगवा रणनीतिकारों की मुश्किलें बढी हुई हैें। 

वाहिनी पर विपक्ष का हमला

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बाद बसपा प्रमुख मायावती ने भी हिन्दू युवा वाहिनी पर हमला बोला है। मायावती ने कहा है कि राज्य में हिंदू युवा वाहिनी के नाम पर अराजकता फैलाई जा रही है।
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