महाराष्ट्र के कोल्हापुर में बुधवार को जमकर बवाल हुआ। बताया जा रहा है कि टीपू सुल्तान की तस्वीर के साथ कथित तौर पर आपत्तिजनक ऑडियो संदेश को सोशल मीडिया स्टेटस के रूप में लगाने के विरोध में प्रदर्शन कर रही भीड़ ने अचानक पथराव कर दिया। इसके बाद लोगों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि प्रदर्शन को देखते हुए कोल्हापुर में गुरुवार तक इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) के कर्मियों को शहर में तैनात किया गया है, जबकि पुलिस ने सतारा से और पुलिस बल मंगाया है। इसके अलावा 19 जून तक निषेधात्मक आदेश लागू कर दिए गए हैं और पांच या इससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
क्या है मामला?
जानकारी के मुताबिक, दो व्यक्तियों ने मैसुरु के 18वीं सदी के शासक टीपू सुल्तान की तस्वीर के साथ कथित आपत्तिजनक ऑडियो संदेश को अपने सोशल मीडिया स्टेटस पर लगाया था। इसके बाद मंगलवार को इलाके में तनाव फैल गया। दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं के एक समूह ने इसका विरोध किया और दोनों व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। प्रदर्शन और बढ़ने पर पुलिस ने शाम को एक और प्राथमिकी दर्ज की और सात लोगों को गिरफ्तार किया। इसके बाद बुधवार को फिर से प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए।
कोल्हापुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) महेंद्र पंडित ने बताया कि कुछ संगठनों ने कोल्हापुर बंद का आह्वान किया था। उनके कार्यकर्ता आज शिवाजी चौक पर जमा हुए थे। प्रदर्शन के बाद भीड़ लौट रही थी, तभी कुछ उपद्रवियों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिसकी वजह से पुलिस को उनके खिलाफ बल प्रयोग करना पड़ा। घरों पर पथराव और वाहनों के क्षतिग्रस्त होने के बाद ही बल और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। इससे पहले अहमदनगर जिले के संगमनेर में दो दिन पहले एक लड़के की कथित हत्या के विरोध में सकल हिंदू समाज की एक रैली के दौरान पथराव हुआ था।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी सरकार की है। गृह विभाग और मंत्री अधिकारियों के साथ संपर्क में है और मैं भी अधिकारियों के साथ संपर्क में हूं। लोगों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील करता हूं।
साथ ही कोल्हापुर की घटना पर महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि औरंगजेब की तारीफ करने वालों के लिए महाराष्ट्र में कोई माफी नहीं है। पुलिस भी कार्रवाई कर रही है। साथ ही यह सुनिश्चित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि लोग भी शांति बनाए रखें, कहीं कोई अप्रिय घटना न हो।
आंदोलनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील
कोल्हापुर के पुलिस अधीक्षक महेंद्र पंडित ने कहा कि कुछ संगठनों ने कोल्हापुर बंद का आह्वान किया था और इन संगठनों के सदस्य बुधवार को शिवाजी चौक पर एकत्र हुए। उनका प्रदर्शन समाप्त होने के बाद, भीड़ तितर-बितर होने लगी, लेकिन कुछ उपद्रवियों ने पथराव शुरू कर दिया, जिससे पुलिस को मजबूर होकर इन लोगों को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। एसपी ने कहा कि उन्होंने आंदोलनकारियों से शांति बनाए रखने और आंदोलन वापस लेने की अपील की।