पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थी के घर जन्मी बच्ची 'नागरिकता' को एक हिंदू संगठन ने गोद ले लिया है। श्री बरसाना धाम फाउंडेशन नाम के संगठन ने कहा है कि नागरिकता की पढ़ाई-लिखाई से लेकर उसकी शादी तक का पूरा खर्च वह उठाएगा। संगठन के इस फैसले के बाद मजनू का टीला इलाके के पूरे पाकिस्तानी शरणार्थियों के कैंप में खुशी की लहर दौड़ गई है। नागरिकता का जन्म पिछले साल 24 नवंबर को हुआ था।
इसी दिन केंद्र सरकार ने नागरिकता संशोधन अधिनियम पारित किया था। पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के हिंदुओं को नागरिकता देने वाले इस कानून से खुश होकर पाकिस्तानी दंपत्ति आरती और उनके पति ईश्वर ने अपनी बेटी का नाम नागरिकता रख दिया था। इसके बाद से ही यह बच्ची राष्ट्रीय मीडिया जगत की सुर्खियां बन गई थी।
फाउंडेशन के चेयरमैन जय भगवान गोयल ने कहा कि पाकिस्तान में हिंदुओं की प्रताड़ना हो रही है। उन्हें सम्मानजनक जिंदगी देने के लिए अगर केंद्र सरकार ने कोई कानून बनाया है, तो सभी लोगों को इसका स्वागत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नागरिकता केवल पाकिस्तानी हिंदू दंपत्ति की बेटी नहीं है। वह पूरे भारत की बेटी है और वे उसकी सभी जिम्मेदारियों को अपने संगठन के माध्यम से उपलब्ध करवाएंगे। उन्होंने सभी पक्षों से भी आग्रह किया कि उन्हें भी पाकिस्तानी हिंदुओं को सम्मान देने के लिए इस कानून का समर्थन करना चाहिए।