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तमिलनाडु में हिंदी लागू करने पर सरकार की सफाई, कहा- नहीं थोपी जाएगी कोई भाषा

Sun, 02 Jun 2019 06:03 PM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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रमेश पोखरियाल (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
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तमिलनाडु में नई शिक्षा नीति में तीन भाषा प्रणाली में हिंदी लागू करने के मसौदे पर हंगामा मचना शुरू हो गया है। इसे लेकर प्रदेश से विरोध की आवाज उठ रही है। विवाद होता देख सरकार ने इस पर सफाई दी है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ने स्पष्ट किया है कि सरकार अपनी नीति के तहत सभी भारतीय भाषाओं के विकास को प्रतिबद्ध है और किसी प्रदेश पर कोई भाषा नहीं थोपी जाएगी।

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रमेश ने कहा कि ‘हमें नई शिक्षा नीति का मसौदा प्राप्त हुआ है, यह एक रिपोर्ट है। इस पर लोगों एवं विभिन्न पक्षकारों की राय ली जाएगी, उसके बाद ही कुछ होगा। उन्होंने कहा, कहीं न कहीं लोगों को गलतफहमी हुई है। उन्होंने आगे कहा कि हमारी सरकार सभी भारतीय भाषाओं का सम्मान करती है और हम सभी भाषाओं के विकास को प्रतिबद्ध हैं। 

रमेश ने कहा, किसी प्रदेश पर कोई भाषा नहीं थोपी जाएगी। यही हमारी नीति है, इसलिए इस पर विवाद का कोई प्रश्न ही नहीं है। गौरतलब है कि पिछले शुक्रवार को के. कस्तूरीरंगन समिति ने नई शिक्षा नीति का मसौदा सरकार को सौंपा था। इसके तहत नई शिक्षा नीति में तीन भाषा प्रणाली को लेकर केंद्र के प्रस्ताव पर हंगामा मचना शुरू हो गया है। 
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द्रमुक के राज्यसभा सांसद तिरुचि सिवा और मक्कल नीधि मैयम नेता कमल हासन ने इसे लेकर विरोध जाहिर किया। तिरूचि सिवा ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि हिंदी को तमिलनाडु में लागू करने की कोशिश कर केंद्र सरकार आग से खेलने का काम कर रही है।

सिवा ने कहा कि हिंदी भाषा को तमिलनाडु पर थोपने की कोशिश को यहां के लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम केंद्र सरकार की ऐसी किसी भी कोशिश को रोकने के लिए, किसी भी परिणाम का सामना करने के लिए तैयार हैं। वहीं, कमल ने कहा कि मैंने कई हिंदी फिल्मों में अभिनय किया है, मेरी राय में हिंदी भाषा को किसी पर भी थोपा नहीं जाना चाहिए।
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