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गुजरात बोर्ड की हिंदी की किताब में लिखा- 'रोजा' एक संक्रामक रोग

Wed, 12 Jul 2017 12:11 PM IST
amarujala.com, Presented by: विकास जांगड़ा
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डेमो पिक
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गुजरात शिक्षा बोर्ड एक बार विवादों में है। इस बार मामला 'रोजा' को संक्रामक रोग बताने का है। दरअसल, गुजरात स्टेट स्कूल टेक्स्टबुक बोर्ड की ओर से छापी गई चौथी क्लास की हिंदी की किताब में रोजा को एक संक्रामक रोग बताया गया है। जिससे कि उलटी और दस्त होते हैं। 
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बता दें कि 'रोजा' रमजान के पवित्र महीने में रखा जाता है। यह हिंदुओं के व्रत की तरह ही मुस्लिमों के लिए पवित्र है। यह गलती मुंशी प्रेमचंद की कहानी ईदगाह में की गई है। इसमें 'रोजा' का जिक्र करते हुए लिखा गया है कि यह एक घातक और संक्रामक रोग है, जिसमें उलटी और दस्त आते हैं। 
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बोर्ड ने कहा- छपाई में गलती हुई, यहां हैजा होना चाहिए

जब इस बारे में बोर्ड से पूछा गया तो अध्यक्ष नितिन पेठानी ने कहा कि यह एक प्रिंटिंग मिस्टेक है। छपाई में 'हैजा' शब्द का इस्तेमाल होना चाहिए था। यहां गलती से 'रोजा' हो गया है। 

उन्होंने कहा कि 2015 से वह किताब पढ़ाई जा रही है और उसमें पहले कभी ऐसी गड़बड़ नहीं देखी गई। 2017 वाले एडिशन में ही ऐसा हुआ है। पेठानी ने कहा कि ऐसी कुल 15,000 प्रतियां छपी होंगी जिनको तुरंत ठीक करवा दिया जाएगा।

वहीं, बोर्ड के मुताबिक उन्हें ऐसी गलती की अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। लेकिन अहमदाबाद के एक संगठन ने बात को ऊपर तक लेकर जाने को कहा है। संगठन के मुखिया मुजाहिद नफीस ने कहा कि वह जीएसएसटीबी और राज्य सरकार के खिलाफ शिकायत करेंगे। मुजाहिद ने कहा कि धर्म को लेकर ऐसी गलतियां बर्दाशत नहीं की जाएंगी।
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