आज हिंदी दिवस है और स्कूल कालेजों के साथ साथ विभिन्न संस्थानों में इसे पूरे धूमधाम से मनाया जाता है। हिंदी पर लंबे चौड़े व्याख्यान भी दिए जाते हैं और इसके प्रचार प्रसार के लिए वादे और दावे भी खूब किए जाते हैं, लेकिन हम आपको कुछ भी ऐसा नहीं बताने जा रहे हैं। आज हम आपको बताएंगे हिंदी से जुड़ी उन 11 खास बातों के बारे में जो आपने शायद ही पहले कहीं सुनी हों।
1. हिंदी दिवस हर साल 14 सितंबर को मनाया जाता है जानते हैं क्यों? नहीं तो हम आपको बताते हैं। साल 1949 में 14 सितंबर को ही संविधान सभा ने अधिकारिक और राजभाषा के रूप में हिंदी को स्वीकृति दी थी।
2. हिंदी दुनिया में तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। पहली दो भाषाएं हैं चीन की मंदारिन और अंग्रेजी। एक अनुमान के मुताबिक दुनियाभर में 80 करोड़ लोग हिंदी बोलते हैं।
3. अंग्रेजी के बाद हिंदी ही अकेली भाषा है जो दर्जनभर से ज्यादा देशों में बोली जाती है। इनमें नेपाल, मॉरीशस, फिजी, इंग्लैंड, कनाड़ा, अमेरिका, बांग्लादेश आदि प्रमुख हैं।
दर्जनभर देशों में बोली, 150 विश्वविद्यालयों में पढ़ाई जाती है हिंदी
4. हम जो हिंदी बोलते हैं वो विशुद्ध भाषा नहीं है। इसमें अरबी, उर्दू, फारसी, संस्कृत और अंग्रेजी के साथ ही कई स्थानीय शब्दों का प्रयोग होता है। खास बात ये है कि हिंदी शब्द भी फारसी भाषा से लिया गया है।
5. हिंदी अकेली भाषा है जिसमें दुनिया में सबसे ज्यादा फिल्में बनती हैं। हिंदी फिल्मों का गढ़ बॉलीवुड दुनिया को सबसे ज्यादा फिल्में देता है।
6. अमेरिका, जापान, इंग्लैंड, कनाड़ा, स्विटजरलैंड सहित दर्जनभर देशों के 150 से ज्यादा विश्वविद्यालयों और संस्थानों में हिंदी प्रचलित विषय के रूप में भी पढ़ाई जाती है।
7. कई देशों में हिंदी भाषा में टीवी कार्यक्रम प्रसारित किए जाते हैं। बीबीसी इंग्लैंड, डायचे वेले जर्मनी और चाइना का रेडियो इंटरनेशनल प्रमुख है। इसके अलावा रूस, जापान और खाड़ी देशों में भी हिंदी कार्यक्रम और हिंदी फिल्में बहुत प्रसिद्ध हैं।
इंटरनेट पर सबसे तेजी से बढ़ने वाली भाषा है हिंदी
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8. इंटरनेट पर हिंदी सबसे तेजी से बढ़ने वाली भाषा है।
9. व्यापार के मामलों में भी हिंदी दूसरी भाषाओं पर भारी पड़ रही है। देश में बढ़ते औद्योगिकरण ने हिंदी को विदेशी कंपनियों की चहेती बना दिया है। दिग्गज कंपनियां अपने शीर्ष अधिकारियों का हिंदी सिखाकर भारत में काम करने भेज रही हैं।
10. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 1977 में संयुक्त राष्ट्र में पहली बार हिंदी में संबोधन कर दुनिया को इसके महत्व से रूबरू कराया था।
11. हिंदी भाषा पर पहला शोध 'द थिओलॉजी ऑफ तुलसीदास' को एक अंग्रेज विद्वान जेआर कारपेंटर ने लंदन विश्वविद्यालय में पेश किया गया था। हिंदी भाषा के साहित्य पर पहली रचना भी एक भारतीय ने नहीं फ्रांसीसी लेखक ग्रासिन द तैसी ने की थी। यहां तक की हिंदी की पहली कविता भी उर्दू लेखक अमिर खुसरो ने लिखी थी।