केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) जुड़े स्कूलों और केन्द्रीय विद्यालयों के छात्रों को 10वीं तक हिंदी पढ़ना अनिवार्य हो सकता है। इस संबंध में एक संसदीय पैनल ने राष्ट्रपति से सिफारिश की है।
इसके अलावा मानव संसाधन विकास मंत्रालय को राज्य सरकारों के साथ सलाह मशविरा कर भाषा को अनिवार्य बनाने के लिए नीति बनाने के निर्देश दिए गया है।
राष्ट्रपति के आदेश के मुतबाकि, मानव संसाधन विकास मंत्रालय को पाठ्यक्रम में हिंदी भाषा अनिवार्य बनाने के लिए गंभीर प्रयास करना चाहिए। पहले कदम के तौर पर सीबीएसई और केन्द्रीय विद्यालय संगठन के सभी स्कूलों में 10वीं क्लास तक हिंदी को अनिवार्य विषय बनाना चाहिए।
आदेश में आगे कहा गया कि केंद्र को राज्य सरकारों के साथ मशविरा कर एक नीति बनानी चाहिए।