भारत में हर वर्ष का 14 सितंबर हिंदी दिवस के लिए मुकर्रर है। सरकारी महकमों से लेकर निजी कंपनियां तक इस दिन के लिए कई कार्यक्रमों का आयोजन करती हैं। हर वर्ष हिंदी को लेकर कई कस्मे वादे भी खाए जाते हैं। वहीं कुछ हिंदी दां लोग हिंदी के पतन की बात करते हैं। लेकिन जब आप पलट कर देखें तो हिंदी हर दिन नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। देश ही नहीं विदेशों में भी हिंदी का प्रचार प्रसार हो रहा है। इंटरनेट युग ने हिंदी की पहुंच को सहज सरल बना दिया है।
हिंदी की धमक देश ही नहीं विदेशों में भी बढ़ी है। भारत में ही हिंदी भाषी राज्यों की आबादी 46 करोड़ से अधिक है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार देश की करीब 1.2 अरब आबादी में से 41.03 फीसदी लोग हिंदी बोलते और समझते हैं।
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दुनियाभर में 80 करोड़ से ज्यादा लोग हिंदी बोलते हैं और हिंदी को समझते हैं। वहीं दुनिया के करीब 25 से अधिक देशों में हिंदी बोली जाती है। पाकिस्तान में हिंदी बोला या समझा जाना बड़ी बात नहीं है क्योंकि वो हमारा ही एक अंग रहा है लेकिन भूटान, नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका, मालदीव, म्यांमार, इंडोनेशिया, सिंगापुर, थाईलैंड, चीन, जापान, ब्रिटेन, जर्मनी, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, मॉरीशस, यमन, युगांडा और त्रिनाड एंड टोबैगो, कनाडा जैसे देशों में भी हिंदी का बोल बाला है। इसके अलावा इंग्लैंड, अमरीका, मध्य एशिया में भी इसे बोलने और समझने वाले लोग बड़ी संख्या मे हैं।