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टेक्नोलॉजी की जरूरत बन गई हिंदी

Tue, 20 Sep 2016 01:47 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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नित नई टेक्नोलॉजी विकसित हो रही है। एक देश दूसरे देश के साथ टेक्नोलॉजी का आदान प्रदान कर रहा है। ऐसे में टेक्नोलॉजी को समझने के लिए जरूरी है कि वो उस भाषा में हो जिसे देश के सबसे अधिक लोग बोलते व समझते हों। हम रोज ऐसी काफी चीजे देखते है जो पहले अंग्रेजी में होती थी और अब उनमें हिंदी शामिल होने लगी।
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हिंदी को शामिल करना इनके लिए कोई मजबूरी नहीं है बल्कि जरूरत है। भारत की आधी से ज्यादा आबादी हिंदी को अच्छे से समझती तथा बोलती है इनके लिए अंग्रेजी के मुकाबले हिंदी में संवाद करना काफी आसान होता है।

आज हम आपको ऐसी चीजों के बारे में बता रहे हैं जो पहले तो अंग्रेजी में थीं लेकिन, अपनी जरूरत को देखते हुए उन्हें मजबूरन हिंदी की ओर रुख करना पड़ा।

1- मोबाइल में हिंदी की पहुंच ने भारत में टेक्नोलॉजी ने नया आयाम स्थापित किया। पहले मोबाईल की भाषा अंग्रेजी में आती थी। जिससे काफी लोगों को चलाने में कठिनाई आती थी। यहां तक कि पढ़े-लिखे व्यक्ति को भी कई परेशानी होती थी। लोग अपने बच्चों को मोबाइल इस्तेमाल करने को नहीं देते थे।
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उन्हें लगता था कि अंग्रेजी भाषा होने के कारण पता नहीं बच्चा क्या किसे भेज दे। लेकिन पिछले काफी समय से मोबाइल में हिंदी भाषा का चलन शुरू हुआ और पूरे भारत में मोबाइल की क्रांति दौड़ गई। देश के हर इंसान के हाथों में मोबाइल आ गया। मोबाईल भाषा हिंदी होने से उन्हें मोबाइल चलाने में भी सुगमता होने लगी और दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।

2- भारत में इंटरनेट की शुरुआत अंग्रेजी की वेबासाइट से हुई थी। और पिछले काफी समय से अंग्रजी की वेबासाइट राज भी कर रही थीं लेकिन कुछ सालों में हिंदी वेबसाइट भी तेजी से बढ़ी हैं। इन वेबसाइट पर दुनियाभर की जानकारी उपलब्ध रहती हैं।

हिंदी वेबसाइट की वजह से आज इंटरनेट की पहुंच उन लोगों तक संभव हुई है जो इंटरनेट को गाना या फिल्में डाउनलोड करने मात्र का साधन समझते थे। हिंदी वेबसाइट के आने से यूजर्स को सभी जानकारी अंग्रेजी के अलावा हिंदी में भी मिलने लगी।
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फेसबुक और गूगल भी दे रही दुनिया को हिंदी में जानकारी

- फोटो : getty
3- दुनिया की सभी दिग्गज मोबाइल फोन कंपनियां भारत को भविष्य के बाजार के रूप में देख रही हैं और मौजूदा समय में लगभग सभी बड़ी स्मार्टफोन कंपनियां भारत में धड़ल्ले से व्यवसाय कर रही हैं। जो भी फोन दुनिया में लॉन्च होता है उसे कुछ ही समय के अंदर भारत में भी लॉन्च कर दिया जाता है।

इन दिनों एक बड़ा बदलाव देकने को मिल रहा है। लगभग सभी बड़ी कंपनियां अपने फोन को अंग्रेजी के साथ हिंदी भाषा में भी उपलब्ध करा रहे हैं। चाइनीज कंपनियां तो पहले से ही अपने हर छोटे-बड़े फोन को हिंदी में भी उपलब्ध करा रहे हैं। हमारे गांवों में जिस किसी के पास भी मल्टीमीडिया फोन होता है वो उसे हिंदी में इस्तेमाल करना ज्यादा सरल समझता है।

स्मार्टफोन के लिए कई तरह के ऐप्लीकेशन भी डेवलप किए गए है। इनमें से भले ही अधिकतर अंग्रेजी में हो लेकिन भारत में लोग अभी भी हिंदी भाषा के ऐप्लीकेशन का यूज करते है। इसलिए ऐप में अलग से हिंदी भाषा को भी दिया जाता है। फेसबुक और गूगल जैसी बड़ी वेबसाइट भी इंडिया और दुनियाभर के यूजर्स को हिंदी में जानकारी उपलब्ध करा रही है। 
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अब हिंदी में भी होगा ई-मेल

- फोटो : getty
4- खबर है कि जल्द ही गूगल ई-मेल जैसी अपनी महत्वपूर्ण सर्विस को पूर्णतया हिंदी में भी उपलब्ध कराने वाली है। उदाहरण के लिए, अभी तक आपका ईमेल एड्रेस अंग्रेजी भाषा में होता था। लेकिन कुछ ही दिनों बाद आप अपना ईमेल आईडी हिंदी में भी बना पाएंगे। भले ही दिखावें के लिए हम लाख अंग्रेजी बोले।

5- स्मार्टफोन जैसे ही मार्केट में आया तो लोगों में इसे लेकर बड़ी दिलचस्पी देखने को मिली। लेकिन हिंदी प्रेमियों को इसे इस्तेमाल करने में थोड़ी दिक्कत हुई। क्योंकि हमें पहले कीपैड वाले फोन चलाने की आदत थी, उन्हीं पर टाइपिंग भी की थी। बटनों से अंदाजा हो जाता था कि कौन से नंबर के बटन पर कौन सा अक्षर आएगा।

स्मार्टफोन में अब हर बटन अलग से होता था उसमें ढूंढना फिर कठिन हो गया। इसके बाद उसमें हिंदी टाइपिंग करना मुश्किल हो गया। स्मार्टफोन में हिंदी की टाइपिंग करने के लिए फिर हिंदी इनपुट टूल का विकास हुआ। हिंदी इनपुट टूल की मदद से आज हम अंग्रेजी में लिखकर हिंदी में टाइप कर पाते है।
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