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Karnataka : कर्नाटक चुनाव में हुई 'सद्दाम हुसैन' की एंट्री, सीएम हिमंत सरमा ने राहुल गांधी को कहा 'अमूल बेबी'

Sun, 07 May 2023 11:43 PM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरू

सार

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि कर्नाटक के लोग जो आईटी, जैव प्रौद्योगिकी और कृषि में अग्रणी हैं, उन्हें कांग्रेस से गारंटी की आवश्यकता नहीं है।
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मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा - फोटो : Himanta Biswa Sarma/Twitter
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विस्तार
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कर्नाटक का चुनाव अब अपने चरम पर पहुंच गया है। मतदान के कुछ दिन ही बचे हैं इसलिए सभी राजनीतिक पार्टी आक्रामक होकर चुनाव प्रचार कर रही हैं। भाजपा के स्टार प्रचारक असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा कर्नाटक में चुनाव प्रचार कर रहे हैं और चुनाव में कुछ ही दिन बचे हैं। उन्होंने राहुल गांधी को सद्दाम हुसैन और अमूल बेबी कहकर तंज कसा। 

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उन्होंने रविवार को कहा कि कर्नाटक के लोग जो आईटी, जैव प्रौद्योगिकी और कृषि में अग्रणी हैं, उन्हें कांग्रेस से गारंटी की आवश्यकता नहीं है। राहुल गांधी को ऐसा व्यक्ति बताते हुए जिसकी राजनीति में कोई गारंटी नहीं है, सीएम सरमा ने कहा कि मुझे बताओ कि राहुल गांधी की गारंटी कौन लेगा? वह यूपी में चुनाव हार गए और केरल चले गए। एक दिन उनका चेहरा सद्दाम हुसैन जैसा हो जाता है और दूसरे दिन अमूल बेबी जैसा हो जाता है।

कर्नाटक में भाजपा से सत्ता छीनने के लिए कांग्रेस ने कुल पांच गारंटी दी हैं। अगर उनकी पार्टी 10 मई के चुनाव में सत्ता में आती है तो पांच गारंटियों के अलावा, राहुल गांधी ने प्रत्येक ग्राम पंचायत के लिए एक करोड़ रुपये और कल्याण कर्नाटक क्षेत्र के लिए 5,000 करोड़ रुपये देने का वादा किया है। 
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हालांकि कांग्रेस ने अपनी पांच गारंटियों को अपना केंद्रीय चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश की, लेकिन अपने चुनावी घोषणापत्र में बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने का वादा भी था जिसने चुनाव से पहले सभी सुर्खियां बटोरीं।

कांग्रेस के चुनावी घोषणापत्र पर, हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि घोषणापत्र तुष्टिकरण की राजनीति का एक दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब पीएफआई की तुलना बजरंग दल से कर रही है, जिसकी निंदा की जानी चाहिए। बजरंग दल को किसी भी तरह से राष्ट्र-विरोधी या चरमपंथी संगठन के रूप में वर्णित नहीं किया जा सकता है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने आगे कहा कि पीएफआई के बैन होने के बाद कांग्रेस को बहुत दुख हुआ। कांग्रेस को इतना दुख हुआ कि उन्होंने कर्नाटक चुनाव के घोषणापत्र के दौरान कहा कि आपने (बीजेपी) पीएफआई बैन को किया तो हम बजरंगदल को बैन करेंगे। उन्होंने कहा कि मुसलमान के उठान के लिए बजट का 10,000 करोड़ रुपए हर साल खर्च करेंगे....आप क्यों एक समुदाय के लिए करके तुष्टीकरण कर रहे हैं।

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