वरिष्ठ भाजपा नेता और असम सरकार में मंत्री हेमंत बिस्व सरमा ने सोमवार को दावा किया कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा नामांकन पत्र दाखिल करने से आम कांग्रेसी कार्यकर्ता दुखी हैं और खुद को अपमानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 21वीं सदी का होने के बावजूद, राहुल गांधी ने राजवंश और सामंती राजनीति से कांग्रेस को मुक्त करने का ऐतिहासिक अवसर खो दिया है।
राज्य के वित्त मंत्री सरमा ने ट्वीट कर कहा, ‘कांग्रेस अध्यक्ष के लिए नामांकन दर्ज करने को तैयार होना एक बहुत ही अपारदर्शी प्रक्रिया है, उन्होंने आम कार्यकर्ताओं को अपमानित किया है।’ उन्होंने इसे राजवंश के तहत उठाया गया कदम करार दिया। सरमा ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि वे लोग जिन्होंने कांग्रेस के लिए अपना खून और पसीना एक किया आज पार्टी में पारदर्शिता के इस तरह के विश्वासघाती अभाव को चुपचाप सहन कर रहे हैं।
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वहीं कांग्रेस ने सरमा के इस बयान पर पलटवार कर कहा कि उन्हें इतिहास का ज्ञान नहीं है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रद्युत बोरडोलोई ने कहा, पार्टी के एक लंबे इतिहास में, सिर्फ कुछ एक ही कांग्रेस अध्यक्ष गांधी परिवार के रहे हैं। वहीं राहुल के नामांकन पर उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया सभी लोकतांत्रिक मानदंडों के तहत करीब आठ महीने पहले ही शुरू हो चुकी थी।