असम में विधानसभा चुनाव का पारा पूरी तरह चढ़ चुका है। 9 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले नेताओं के बीच जुबानी जंग काफी तेज हो गई है। इसी बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। सीएम सरमा ने कहा कि जो कोई भी यह सोचता है कि कांग्रेस असम में सरकार बनाने जा रही है, वह पागल है।
दरअसल, राहुल गांधी ने असम के जोरहाट में एक चुनावी रैली के दौरान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए थे। राहुल गांधी ने कहा था कि पीएम नरेंद्र मोदी को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कंट्रोल करते हैं, वहीं, प्रधानमंत्री मोदी असम के मुख्यमंत्री को 'रिमोट कंट्रोल' से चलाते हैं। राहुल गांधी ने दावा किया था कि पीएम मोदी के पास हिमंत बिस्वा सरमा के कथित भ्रष्टाचार और अपराधों की पूरी फाइल है और इसी डर की वजह से सरमा उनके इशारों पर काम करते हैं।
सीएम सरमा ने दिया करारा जवाब
राहुल गांधी के इन आरोपों पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अब पलटवार किया है। उन्होंने राहुल गांधी के बयानों को सिरे से खारिज कर दिया। सरमा ने कहा कि राहुल गांधी की बातों को अब कोई गंभीरता से नहीं लेता और जो लोग आज भी असम में कांग्रेस की जीत के सपने देख रहे हैं, उनकी दिमागी हालत ठीक नहीं है।
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यूसीसी का आदिवासियों पर नहीं होगा असर
इस सियासी बयानबाजी के बीच मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य में प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर एक बहुत बड़ा स्पष्टीकरण भी दिया। उन्होंने साफ-साफ कहा कि असम में जब भी यूसीसी लागू होगा, उससे राज्य के आदिवासी समाज को पूरी तरह बाहर रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पहले ही यह साफ कर चुके हैं कि आदिवासियों को यूसीसी के दायरे में नहीं लाया जाएगा। असम में भी हम इसी नियम का पालन करेंगे।
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि यूसीसी का मकसद किसी की परंपराओं से छेड़छाड़ करना नहीं, बल्कि सभी नागरिकों को समान अधिकार देना है। सरकार का मानना है कि इसके जरिए शादी, तलाक और संपत्ति जैसे मामलों में महिलाओं को बेहतर अधिकार और सुरक्षा मिल सकेगी। आदिवासियों को इससे अलग रखने का फैसला उनकी विशेष संस्कृति और परंपराओं को सुरक्षित रखने के लिए लिया गया है।
तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश में भाजपा गठबंधन
बताते चलें कि 9 अप्रैल को असम की सभी 126 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में वोट डाले जाने हैं। चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प है, जहां भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहा है, वहीं कांग्रेस अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने के लिए पूरा जोर लगा रही है।