असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने सोमवार को कहा कि वह यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (इंडिपेंडेंट) गुट का नेतृत्व करने वाले परेश बरुआ के संपर्क में हैं। हालांकि, सरमा ने कहा कि संगठन के साथ अभी बातचीत की संभावना नहीं है। परेश बरुआ का गुट सरकार के साथ वार्ता का विरोध करता रहा है। सरमा ने यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि बतौर मुख्यमंत्री, मैं उनसे संपर्क करना जारी रखूंगा।
उन्होंने कहा कि मैं आमतौर पर हर तीन या छह महीने में बरुआ से बात करता हूं और मैं जल्द ही उनसे फिर से संपर्क करने पर विचार कर रहा हूं। सीएम ने कहा, बरुआ के लिए संप्रभुता का मुद्दा छोड़ना आसान नहीं है, लेकिन उन्हें यह समझना होगा कि असम के लोग अब इसे नहीं चाहते। हिमंत ने कहा, बरुआ राज्य के लोगों के लिए लड़ रहे हैं, लेकिन लोग विकास चाहते हैं, स्वतंत्र असम नहीं। उन्होंने कहा, अगर बरुआ 15 दिनों के लिए राज्य में रहते हैं, तो वह अपनी मांगों को बदल देंगे, क्योंकि असम में अब शांति है।
पीएम मोदी ने आगे बढ़ाई शांति प्रक्रिया हाल ही में दिल्ली में उल्फा के वार्ता समर्थक गुट के साथ हुए त्रिस्तरीय समझौते के बारे में सीएम सरमा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बहुत सोच-समझकर शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि यह समझौता असम के लोगों के भविष्य को सुरक्षित करने का साधन है।