पूर्वोत्तर जनतांत्रिक गठबंधन के संयोजक हिमंत बिस्व सरमा असम के 15वें मुख्यमंत्री बन गए हैं। राज्यपाल जगदीश मुखी ने सोमवार को श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में आयोजित एक समारोह में हिमंत को शपथ दिलाई। कोरोना प्रोटोकॉल की सख्ती के बीच हिमंत के साथ 13 और विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली।
शपथ लेने के बाद हिमंत ने कहा, हम फिर से राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) सूची के नामों का सत्यापन कराना चाहते हैं। हम उल्फा के कमांडर को शांति वार्ता के लिए आमंत्रित करते हैं।
शपथ लेने वालों में 10 भाजपा से हैं, जिनमें पार्टी के राज्य प्रमुख रंजीत कुमार दास और निवर्तमान मंत्री रहे चंद्र मोहन पतवारी, परिमल सुक्लावैद्य, जोगेश मोहन और संजय किशन भी हैं। मंत्री बनाए गए नए चेहरों में रणोज पेगू, बिमल बोराह और कैबिनेट में एकमात्र महिला अजंता नियोग हैं।
वहीं, गठबंधन साझेदार एजीपी से अतुल बोरा और केशब महंत और यूपीपीएल से पूर्व राज्यसभा सदस्य यूजी ब्रह्मा ने शपथ ली है। बोरा और महंत भूतपूर्व सरकार में मंत्री थे। समारोह में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, पिछली सरकार में मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और रमेश तेली, नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो और असम कांग्रेस के प्रमुख रिपूण बोरा भी थे।
सीमावर्ती इलाकों के 20 फीसदी नामों का सत्यापन
हिमंत बिस्व सरमा ने कहा, असम के सीमावर्ती इलाकों के जिन लोगों के नाम एनआरसी में शामिल हैं, वह उनमें से 20 फीसदी नामों का सत्यापन कराना चाहते हैं। इसके अलावा अन्य इलाकों में 10 प्रतिशत नामों का फिर से सत्यापन होगा।
हमारा लक्ष्य असम को देश के पांच शीर्ष राज्यों में शामिल कराना
हिमंत ने कहा, मैं उल्फा के कमांडर-इन-चीफ परेश बरुआ से शांति वार्ता के लिए आगे आने का आग्रह करता हूं। दोनों पक्षों को शांति वार्ता के लिए आगे आना होगा। हमारा लक्ष्य है कि पांच वर्षों में असम को देश के पांच शीर्ष राज्यों की सूची में शामिल करवाना।
असम की विकास यात्रा को बढ़ाएंगे हिमंत: पीएम
प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा, हिमंत बिस्व सरमा और मंत्री पद की शपथ लेने वालों को बहुत बधाई। मुझे पूरा विश्वास है कि यह टीम असम की विकास यात्रा को और गति देगी तथा लोगों की आकांक्षाओं की पूर्ति करेगी।
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर असम की प्रगति और भाजपा की मजबूती में योगदान देने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल की भी सराहना की। उन्होंने कहा, मेरे सहयोगी सोनोवाल ने पिछले पांच सालों में राज्य में जनहितकारी और विकासपरक शासन दिया। असम की प्रगति और पार्टी की मजबूती में उनका बहुत योगदान है।