गंगा के हिमालय बेसिन में प्रस्तावित बांध परियोजनाओं को रद्द करने और साथ ही उत्तरखंड में हिमालय की घाटियों को गंगोत्री घाटी की तर्ज पर इको सेंसिटिव जोन घोषित करने की मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की गई है। गंगा और हिमाचल सरंक्षण के लिए गठित भारतीय संसदीय फोरम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है।
फोरम के सदस्यों के साथ उत्तराखंड में काम कर रहे गंगा आह्वान के सदस्य भी थे। फोरम का कहना है कि गंगा के हिमालय बेसिन में टौंस घाटी, गंगा भागीरथी घाटी, अलकनंदा, मंदाकिनी, धौली, पिंडर, गौरी, शारदा एवं काली नदी घाटी तक 450 से अधिक छोटे और बड़े बांधों की श्रूंखला प्रस्तावित है। इनमें कुछ बने हुए है और कुछ बनाये जाने हैं।
अलकनंदा एवं मंदाकिनी बेसिन पर लगभग 70 बांध परियोजनाएं विचाराधीन है। ये बांध गंगा की धारा को रोककर पानी को बलपूर्वक सुरंगों में डाले जाना प्रस्तावित है। सपा सांसद रेवती रमण सिंह ने कहा कि गंगा के सरंक्षण को लेकर ठोस कदम उठाने की जरूरत है। वे संसद में इस मुद्दे को उठाने की तैयारी में है।