फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गंगा के हिमालय बेसिन में प्रस्तावित बांध परियोजनाओं को रद्द करने की पीएम से मांग

Sun, 11 Dec 2016 12:46 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
गंगा के हिमालय बेसिन में प्रस्तावित बांध परियोजनाओं को रद्द करने और साथ ही उत्तरखंड में हिमालय की घाटियों को गंगोत्री घाटी की तर्ज पर इको सेंसिटिव जोन घोषित करने की मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की गई है। गंगा और हिमाचल सरंक्षण के लिए गठित भारतीय संसदीय फोरम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है। 
विज्ञापन


फोरम के सदस्यों के साथ उत्तराखंड में काम कर रहे गंगा आह्वान के सदस्य भी थे। फोरम का कहना है कि गंगा के हिमालय बेसिन में टौंस घाटी, गंगा भागीरथी घाटी, अलकनंदा, मंदाकिनी, धौली, पिंडर, गौरी, शारदा एवं काली नदी घाटी तक 450 से अधिक छोटे और बड़े बांधों की श्रूंखला प्रस्तावित है। इनमें कुछ बने हुए है और कुछ बनाये जाने हैं। 

अलकनंदा एवं मंदाकिनी बेसिन पर लगभग 70 बांध परियोजनाएं विचाराधीन है। ये बांध गंगा की धारा को रोककर पानी को बलपूर्वक सुरंगों में डाले जाना प्रस्तावित है। सपा सांसद रेवती रमण सिंह ने कहा कि गंगा के सरंक्षण को लेकर ठोस कदम उठाने की जरूरत है। वे संसद में इस मुद्दे को उठाने की तैयारी में है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

इको-सेंसिटिव जोन घोषित किया जाये

गंगा के आह्वान से जुड़े हेमंत ध्यानी का कहना है कि गंगा और इसकी सहयोगी धाराओं की घाटियों को इनके उद्गम से 100-150 किलोमीटर नीचे तक इको-सेंसिटिव जोन घोषित किया जाये जैसा गंगोत्री घाटी को किया है। इसे 2012 में इको-सेंसिटिव जोन के तौर पर अधिसूचित किया था। साथ ही गंगा को विश्व धरोहर का दर्जा देने के लिए सरकार से ठोस पहल करने की मांग की गई है। 

संसदीय फोरम में कुंवर रेवती रमन सिंह के साथ गंगा आह्वान अभियान के सदस्यों ने पिछले दिनों प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी। इस फोरम में जदयू सांसद शरद यादव, कांग्रेस से जयराम रमेश, डॉ कर्ण सिंह समेत कई सदस्यों ने इसे लेकर अपना समर्थन किया है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें