आइए जानते हैं कि हिमाचल प्रदेश में पांच सबसे ज्यादा आपराधिक छवि वाले प्रत्याशियों में कौन-कौन है? किसपर क्या आरोप लगे हैं? किस पार्टी में कितने दागी हैं? पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार दागी प्रत्याशियों में कितनी बढ़ोतरी हुई है?
हिमाचल प्रदेश की 68 विधानसभा सीटों की किस्मत आज यानी 12 नवंबर को तय होनी है। इस चुनाव में 412 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें 23 फीसदी यानी 94 प्रत्याशियों ने खुद पर आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी दी है। 50 प्रत्याशी ऐसे हैं, जिन पर हत्या, हत्या के प्रयास, दंगा जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।
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आइए जानते हैं कि हिमाचल प्रदेश में पांच सबसे ज्यादा आपराधिक छवि वाले प्रत्याशियों में कौन-कौन है? किस पर क्या आरोप लगे हैं? किस पार्टी में कितने दागी हैं? पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार दागी प्रत्याशियों में कितनी बढ़ोतरी हुई है?
इस बार कितने दागी प्रत्याशी मैदान में?
असोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक्स रिफॉर्म्स यानी एडीआर ने हिमाचल के 412 प्रत्याशियों के हलफनामे की पड़ताल की है। इसमें 23 प्रतिशत यानी 94 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। 2017 के मुकाबले दागी प्रत्याशियों की संख्या में पांच प्रतिशत का इजाफा हुआ है। 2017 में कुल 18 प्रतिशत दागी प्रत्याशी चुनाव के मैदान में थे। इनमें नौ फीसदी पर गंभीर आरोप लगे थे। इस बार दागियों की ये संख्या बढ़कर 23 प्रतिशत हो गई है, वहीं गंभीर धाराओं वाले दागियों की संख्या नौ से बढ़कर 12 फीसदी तक पहुंच गई है।
किस पार्टी में सबसे ज्यादा दागी?
भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और सीपीआई (एम) के आंकड़े देखें तो सबसे ज्यादा सीपीआई (एम) के 11 में से सात यानी 64% दागी प्रत्याशी हैं। इसके बाद कांग्रेस के 68 में से 53%, भाजपा के 68 में से 18% प्रत्याशी दागी हैं। आम आदमी पार्टी के भी 67 में से 18 प्रतिशत प्रत्याशी दागी उम्मीदवार हैं।
1. राकेश सिंह: शिमला की ठियोग विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे राकेश पर सबसे ज्यादा 30 मामले दर्ज हैं। राकेश सीपीआई (एम) के प्रत्याशी हैं। राकेश पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने समेत कई तरह के गंभीर आरोप लगे हैं।
2. कुलदीप सिंह तंवर: शिमला की कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र से सीपीआई (एम) के प्रत्याशी कुलदीप सिंह तंवर पर कुल 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं। आईपीसी की 56 धाराएं लगी हैं। इनमें दो गंभीर धाराएं हैं। लापरवाही से किसी की मौत का मामला भी कुलदीप पर चल रहा है।
3. मनीष कुमार ठाकुर: आम आदमी पार्टी के टिकट पर पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे मनीष कुमार ठाकुर पर कुल 19 आपराधिक मामले दर्ज हैं। मनीष पर सबसे ज्यादा सरकारी आदेशों की अवहेलना का आरोप लगे हैं।
4. लोकेंद्र कुमार: कुल्लू की अनी सुरक्षित सीट से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार लोकेंद्र कुमार पर कुल 11 मामले दर्ज हैं। लोकेंद्र पर भी सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने समेत कई तरह के आरोप लगे हैं।
5. विक्रमादित्य सिंह : शिमला ग्रामीण से कांग्रेस प्रत्याशी विक्रमादित्य सिंह पर कुल 11 केस चल रहे हैं।